अंगदान के क्षेत्र में जागरूकता और समन्वय को नई दिशा देने के उद्देश्य से 18वीं वार्षिक ‘नेटको’ कॉन्फ्रेंस का आयोजन 10 और 11 अक्तूबर को IIHMR यूनिवर्सिटी, जयपुर में किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर करेंगे। सम्मेलन में देश के 15 राज्यों से आए 175 से अधिक ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स और चिकित्सा विशेषज्ञ भाग लेंगे।
अंगदान को बढ़ावा और अनुभव साझा करने पर होगा फोकस
जानकारी के मुताबिक, यह कॉन्फ्रेंस नेटवर्क एंड अलायंस ऑफ ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स (नेटको) और मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटिजन फोरम (एमएफजेसीएफ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
एमएफजेसीएफ के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अंगदान को बढ़ावा देना, सफल अनुभव साझा करना और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स की भूमिका को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि कोऑर्डिनेटर्स अंगदान प्रक्रिया की रीढ़ हैं। वही अंग उपलब्धता, परिवहन और ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाओं का कुशल संचालन करते हैं।
‘अनसंग हीरोज’ को सम्मान, मिलेगा विशेष पुरस्कार
नेटको की अध्यक्ष पल्लवी ने कहा कि ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स वे अनसंग हीरोज हैं, जिनके बिना अंगदान की प्रक्रिया संभव नहीं हो सकती।
मोहन फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर ललिता रघुराम ने बताया कि सम्मेलन के दौरान उनके बेटे की स्मृति में बेस्ट ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अवॉर्ड 2025 प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपने बेटे के अंगदान की प्रेरणादायक कहानी साझा करते हुए कहा कि इस पहल से कई जीवनों में नई उम्मीद जगी।
फिल्म और जागरूकता पोस्टरों से पहुंचेगा संदेश
एमएफजेसीएफ की संयोजक भावना जगवानी ने बताया कि अंगदान पर आधारित चार मिनट की शॉर्ट फिल्म को राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करेंगे। इसके साथ ही आरएसआरटीसी बसों पर अंगदान जागरूकता पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि संदेश आम जनता तक पहुंचे।
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अब तक 252 लोगों को मिला नया जीवन
एमएफजेसीएफ वर्तमान में सरकारी और निजी अस्पतालों, साथ ही नोटो और सोटो संगठनों के साथ मिलकर अंगदान को प्रोत्साहित कर रहा है। संस्था अब तक 751 से अधिक जागरूकता वार्ताएं आयोजित कर 4 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंच बना चुकी हैं। 76 डोनर्स के माध्यम से अब तक 252 लोगों को नया जीवन मिला है।
राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य
‘मृत्यु के बाद जीवन’ के संदेश को साकार करने वाली एमएफजेसीएफ टीम का लक्ष्य है कि राजस्थान को अंगदान के क्षेत्र में देश में दूसरे स्थान पर लाया जाए। अब तक 90,000 से अधिक लोगों ने अंगदान की शपथ ली है, जो समाज में जीवनदान की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं।
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