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राजस्थान विधानसभा: सदन में लेपर्ड मूवमेंट का मुद्दा उठा,सरकार बोली इमरजेंसी प्रीडेटर प्रोटोकॉल करेंगे लागू

Thu, 29 Jan 2026 03:25 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जयपुर में तेंदुओं की आवाजाही का मुद्दा उठा। सरकार ने बताया कि बीते एक साल में शहर के सात इलाकों में तेंदुए देखे गए, लेकिन किसी भी घटना में जनहानि नहीं हुई। वन विभाग ने सभी मामलों में तेंदुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा। वन मंत्री ने शहर में वन्यजीव मूवमेंट की सूचना के लिए 24 घंटे सक्रिय 1926 हेल्पलाइन जल्द शुरू करने और महाराष्ट्र की तर्ज पर इमरजेंसी प्रीडेटर प्रोटोकॉल लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी।

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जयपुर में तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान जयपुर में लेपर्ड मूवमेंट का मुद्दा उठा। जयपुर के मालवीयर नगर सीट से बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने सरकार से पूछा कि 
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सरकार की ओर से जयपुर शहर के रिहायशी इलाकों में लेपर्ड मूवमेंट को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई।
सराफ ने यह भी कहा कि जब शहर में लेपर्ड मूवमेंट होता है आम आदमी पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करता है। पुलिस कंट्रोल रूम से वन विभाग के पास सूचना जाती है। इतने में एक से डेढ घंटे का समय निकल जाता है जिससे इंसार और लेपर्ड के बीच टकराव के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने सरकार के पूछा कि क्या सरकार ऐसे मामलो में कोई हेल्पलाइन नंबर जारी करने का विचार रखती है। 
इसके जवाब में वन मंत्री संजय शर्मा ने  सदन जानकारी दी कि शहर में वन्यजीव मूवमेंट की सूचना देने के लिए वन विभाग 1926 हेल्पलाइन नंबर जारी करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे काम करेगा और इसका ट्रायल चल रहा है। फरवरी तक इसे जारी करने की संभावना है।
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इसके बाद सराफ ने पूरक सवाल पूछा कि क्या राजस्थान सरकार महाराष्ट्र की तर्ज पर प्रदेश में वन्य जीवों के शहरों में मूवमेंट को लेकर इमजेंसी प्रीडेटर प्रोटोकॉल लागू करने का विचार रखती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस प्रोटोकॉल के तहत जब लेपर्ड का शहरी क्षेत्र में मूवमेंट का पता चलता है तो तत्काल उसके 5 किमी एरिया को सील कर दिया जाता है। जिससे आम इंसान और लेपर्ड में टकराव को रोका जा सके। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह सुझाव स्वागत योग्य है और राज्य सरकार भी इसके लिए एसओपी जारी के लिए प्रोटोकॉल का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में सरकार महाराष्ट्र की तर्ज पर प्रोटोकॉल की एसओपी जारी करेगी।
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विधानसभा में सरकार ने सदन को बताया कि बीते एक साल में जयपुर में 7 अलग-अलग जगहों पर लेपर्ड मूवमेंट हुआ है। हालांकि इसमें किसी भी मामले में लेपर्ड ने किसी इंसान की जान नहीं ली। वन  विभाग ने लेपर्ड को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।

गत एक साल में जयपुर शहर की आबादी क्षेत्र में तेंदुए का मूवमेंट हुआ है, का विवरण निम्नानुसार है–

क्र.सं. दिनांक वन्यजीव का नाम स्थान स्थिति
1 07.02.25 तेंदुआ हरिनगर जगतपुरा मादा तेंदुआ हरिनगर जगतपुरा कॉलोनी के एक घर में मिली। रेस्क्यू टीम व स्टाफ द्वारा तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए को जंगल जोन नं. 2 खिलावड़ा में छोड़ दिया गया।
2 09.04.25 तेंदुआ सेंट्रल पार्क मादा तेंदुआ सेंट्रल पार्क में मिली। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए का उपचार कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
3 24.08.25 तेंदुआ गोपालपुरा पुलिस के पास एन.टी. रोड नर तेंदुआ गोपालपुरा पुलिस के पास एन.टी. रोड पर देखा गया। रेस्क्यू टीम व स्टाफ द्वारा तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए को आमागढ़ वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
4 24.08.25 तेंदुआ MNIT CAMPUS मालवीय नगर MNIT CAMPUS मालवीय नगर जयपुर में तेंदुए का लगातार मूवमेंट होने के कारण उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। रेस्क्यू स्टाफ द्वारा पिंजरे में बंद कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए को आमागढ़ वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
5 20.11.25 तेंदुआ सिविल लाइंस जयपुर नर तेंदुआ सिविल लाइंस जयपुर में मिला। रेस्क्यू टीम द्वारा तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए को केलादेवी छोड़ा गया।
6 28.11.25 तेंदुआ चांदपोल सरोज सिनेमा के पास तेंदुए का लगातार सरोज सिनेमा के पास जयपुर में मूवमेंट होने के कारण तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों की पालना में तेंदुए को खेड़ली-अलवर में छोड़ा गया।
7 15.11.25 तेंदुआ गुर्जर घाटी गुर्जर घाटी क्षेत्र में तेंदुए का दिनांक 15.11.25 को मूवमेंट होने पर तेंदुए को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया। जिसके उपरांत ग्रामीणों ने तेंदुए की रिपोर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए के शरीर पर चोटों के कारण मृत्यु होना पाया गया। जिसके उपरांत प्रकरण दर्ज कर जांच (Investigation) की कार्यवाही की जा रही है।

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