दिल्ली के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में पानी भरने हुई तीन छात्रों की मौत पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने मामले में सारा दोष दिल्ली राज्य सरकार पर मढ़कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर जयपुर पहुंचे शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने पत्रकारों के साथ बातचीत में केंद्र सरकार के बजट की उपलब्धियां बताईं। इस दौरान दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग इंस्टीट्यूट की घटना पर जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने सारा दोष दिल्ली सरकार पर मढ़ते हुए कहा कि अवैध निर्माण का सब्जेक्ट राज्य सरकार का है।
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गौरतलब है कि बेसमेंट में पानी घुसा तब कोचिंग में 30 स्टूडेंट थे। वहां पानी का फ्लो ज्यादा होने के कारण तीन बच्चों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि जहां तक अवैध निर्माण की बात है, यह दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि फिर उन्होंने कहा कि सबकी जिम्मेदारी फिक्स होती है। दिल्ली में इस मामले को लेकर एक मीटिंग बुलाई गई है।
ओपीएस को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में खट्टर ने कहा कि ओपीएस का विषय आज का नहीं है। वर्ष 2004 से पहले खासकर कांग्रेस सरकार के समय का है। सरकार की सहमति से ओपीएस और एनपीएस का फैसला हुआ था लेकिन इस मुद्दे पर आज राजनीति की जा रही है।
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खट्टर ने कहा कि पहले ओपीएस में दस प्रतिशत कर्मचारी और दस प्रतिशत केंद्र सरकार का हिस्सा होता था। अब केंद्र सरकार का हिस्सा 14 प्रतिशत कर दिया गया है। चार प्रतिशत हिस्सेदारी को बढ़ा दिया है, इसमें फंड भी बढ़ा दिया है। इससे कर्मचारियों को ज्यादा राशि मिलेगी।