सार
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) ने ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। ईएनटी विभाग ने ऑडिटरी न्यूरोपैथी स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ANSD) से पीड़ित बच्चे में Active Insertion Monitoring (AIM) तकनीक से कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की। यह दुनिया में ANSD मरीज में AIM तकनीक का पहला सफल प्रयोग है। राष्ट्रीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कुल 6 जटिल सर्जरी निःशुल्क की गईं। सर्जरी टीम में डॉ. मोहनीश ग्रोवर और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे।
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) ने ईएनटी और हियरिंग साइंस के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। RUHS के ईएनटी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एडवांस कोक्लियर इम्प्लांट ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान ऑडिटरी न्यूरोपैथी स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ANSD) से पीड़ित एक बच्चे में Active Insertion Monitoring (AIM) तकनीक से कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ANSD मरीज में AIM तकनीक का यह न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया में पहला सफल उपयोग है। इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आए अनुभवी ईएनटी सर्जनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कोक्लियर इम्प्लांट सेवाओं का विस्तार करना और उन मरीजों तक आधुनिक उपचार पहुंचाना था, जिन्हें सामान्य हियरिंग एड से लाभ नहीं मिल पाता।
कार्यक्रम के दौरान कुल 6 अत्यंत जटिल कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की गईं। इनमें एक मरीज की दोनों कानों में एक साथ सर्जरी, विकृत कोक्लिया (Malformed Cochlea) वाले मरीज का कठिन ऑपरेशन और अन्य विशेष क्लिनिकल केस शामिल रहे। खास बात यह रही कि ये सभी सर्जरी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क की गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा मिल सकी। इस ऐतिहासिक सर्जरी के परिणामों पर चर्चा के लिए बेंगलुरु से वरिष्ठ ऑडियोलॉजिस्ट्स की टीम जयपुर पहुँची। साथ ही इन निष्कर्षों को अमेरिका के विशेषज्ञों के साथ भी साझा किया गया, जिससे RUHS की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
यह भी पढें-
25 साल की साध्वी की रहस्यमयी मौत: इंजेक्शन, वायरल वीडियो और ‘सुसाइड पोस्ट’...प्रेम बाईसा केस में क्या है सच?
सर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने किया। टीम में डॉ. सुनील समधानी, डॉ. राघव मेहता, डॉ. शशांक नाथ सिंह, डॉ. आशिमा सक्सेना, डॉ. अम्बिका, डॉ. महेंद्र, डॉ. सुमन, डॉ. महिमा और डॉ. रीता शामिल रहे। डॉ. ग्रोवर देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कोक्लियर इम्प्लांट प्रोग्राम शुरू कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे दूर-दराज़ क्षेत्रों तक आधुनिक सुनवाई उपचार पहुंच रहा है और हजारों बच्चों को नई सुनने की क्षमता और नई उम्मीद मिल रही है।