भारतीय जनता पार्टी संगठन में 44 जिलाध्यक्षों के निर्वाचन में से 40 का चुनाव हो चुका है। इसी कड़ी में जयपुर शहर के लिए अमित गोयल को भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जयपुर शहर में वैश्य समाज को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने यह निर्णय लिया, क्योंकि पार्टी की ब्राह्मण और वैश्य समाज पर मजबूत पकड़ है।
जयपुर शहर के जिलाध्यक्ष पद के लिए कुल 14 दावेदारों ने नामांकन किया था, जिनकी सुनवाई सिविल लाइन्स स्थित सामुदायिक केन्द्र में निर्वाचन अधिकारी ने की। इसके बाद सर्वसम्मति से अमित गोयल का नाम प्रस्तावित किया गया।
जिलाध्यक्ष बनने के बाद अमर उजाला से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा- "मैं सबसे पहले संगठन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। मेरी प्राथमिकता होगी कि हम सब मिलकर तेजी से पार्टी के काम को आगे बढ़ाएं और आगामी नगर निगम चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत दिलाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देना होगी, क्योंकि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं।
बीजेपी ने जयपुर शहर में वैश्य समाज को जिलाध्यक्ष बनाकर अपने कोर वोटर को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। जयपुर में वैश्य और ब्राह्मण समाज बीजेपी के परंपरागत समर्थक हैं। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक पहले से यह तय था कि जयपुर शहर का अध्यक्ष वैश्य समाज से ही होगा।
जिला अध्यक्ष पद के लिए पुनीत कर्णावट सबसे प्रमुख दावेदार थे, लेकिन उनके नाम पर कुछ विधायकों को आपत्ति थी, जिनमें विधायक कालीचरण सराफ का नाम शामिल है। हवामहल से पार्षद विमल अग्रवाल और राजेश तांबी के नाम पर भी सहमति नहीं बन पाई थी, जिसके बाद अमित गोयल का चयन किया गया।
अमित गोयल ने आगे कहा कि हम सब कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे और पार्टी की सफलता के लिए हर कदम उठाएंगे। मैं भी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री की तरह कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा सुलभ रहूंगा।
इस नियुक्ति से बीजेपी संगठन में नए उत्साह का संचार हुआ है और अब सभी की नजरें आगामी नगर निगम चुनावों पर हैं, जिनमें पार्टी को शानदार जीत दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।