राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक (Coercive) कार्रवाई पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नागौर जिले के पादू कलां थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की सख्त या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
'सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना अपराध नहीं'
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी राजनीतिक सभा या जुलूस में भाग लेना मात्र किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी स्थापित नहीं करता। अदालत ने कहा कि यह देखना होगा कि बेनीवाल के खिलाफ ऐसे कौन से विशिष्ट तथ्य और साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक दायित्व तय किया जा सकता है।