फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गहलोत का बड़ा बयान: "धर्म की राजनीति करती है भाजपा, इंदिरा गांधी होतीं तो ऐसी पार्टी पर बैन लगा देतीं"

Sun, 14 Jun 2026 03:56 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में अशोक गहलोत ने भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा, "इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होतीं तो ऐसी पार्टी पर बैन लगा देतीं।" उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए कांग्रेस को मजबूत करने की अपील भी की।

विज्ञापन
पूर्व सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा और केंद्र सरकार पर अब तक के सबसे तीखे राजनीतिक हमलों में से एक करते हुए कहा कि यदि आज इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होतीं तो धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली ऐसी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने से भी नहीं हिचकिचातीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की मूल भावना के खिलाफ जाकर धर्म और ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है तथा देश को तानाशाही और एकदलीय व्यवस्था की ओर धकेला जा रहा है।

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित ‘कायम रत्न अवार्ड-2026’ समारोह को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा कि धर्म के आधार पर राजनीति की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुत्व के नाम पर लोगों को बांटने और भड़काने का काम कर रही है, जबकि संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है।

गहलोत ने कहा कि एक समय ऐसा था जब चुनाव में धर्म का नाम लेना भी गंभीर मामला माना जाता था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत का उदाहरण देते हुए कहा कि बाली विधानसभा चुनाव के दौरान राम मंदिर का उल्लेख करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इससे समझा जा सकता है कि पहले चुनावी राजनीति में धर्म को लेकर कितनी सख्ती थी, जबकि आज खुलेआम धार्मिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है।

चुनाव आयोग और एजेंसियों पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत हैं।

गहलोत ने कहा कि वोट देना संविधान प्रदत्त मूल अधिकार है और यदि नागरिकों के मतदान अधिकार पर ही सवाल खड़े होने लगें तो लोकतंत्र की नींव कमजोर हो जाएगी। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

'31 फीसदी वोट से बनी सरकार,69 लोगों ने मोदी के खिलाफ वोट दिया?'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तब उन्हें करीब 31 प्रतिशत वोट मिले थे। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी 69 प्रतिशत मतदाता क्या हिंदू नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में ऐसा माहौल बना रही है, जिसमें असहमति की आवाज को राष्ट्रविरोधी साबित करने की कोशिश होती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय जवाबदेही की परंपरा थी और हादसों या विवादों पर मंत्री इस्तीफा देते थे, लेकिन आज जवाबदेही का अभाव दिखाई देता है।

'चीन जैसी व्यवस्था चाहती है भाजपा'

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लोकतंत्र की बजाय एकदलीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे भारत की कल्पना कर रही है, जहां विपक्ष कमजोर हो, संस्थाएं नियंत्रण में हों और चुनाव केवल औपचारिकता बनकर रह जाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र विपक्ष के बिना नहीं चल सकता और "कांग्रेस मुक्त भारत" का नारा लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।

वोट का अधिकार ही लोकतंत्र की ताकत

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत वोट का अधिकार है। इसी अधिकार की वजह से प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक आम आदमी के दरवाजे पर जाकर समर्थन मांगते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मतदान का अधिकार कमजोर होगा तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और वंचित वर्गों को होगा।

गहलोत ने आरएसएस और भाजपा की विचारधारा पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरदार पटेल, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम लेने वाले लोग उनकी मूल सोच और संविधान की भावना का सम्मान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए सजग रहने की जरूरत है।

कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने भी सामाजिक सौहार्द, संविधान की रक्षा और विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को ‘कायम रत्न अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया।

 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें