फिल्म अभिनेता नवनीत रंगा ने फार्मा इंडस्ट्री से फिल्म इंडस्ट्री तक के अपने सफर में अभिनय की समझ और धैर्य को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कास्टिंग मौके देती है, लेकिन एक्टिंग खुद सीखनी होती है।
राजस्थान के बीकानेर से निकलकर फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री से फिल्मों तक का सफर तय करने वाले अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत रंगा ने शनिवार को कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए अभिनय की समझ और कास्टिंग प्रक्रिया की जानकारी बेहद जरूरी है।
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जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बीकानेर से हूं और फिल्म इंडस्ट्री में मेरा कोई बैकग्राउंड नहीं था। मैंने कई साल फार्मा इंडस्ट्री में काम किया, लेकिन जब अभिनय करने का फैसला किया तो मुझे सब कुछ नए सिरे से सीखना पड़ा। बहुत से लोग मुंबई तो पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि आगे करना क्या है। अभिनय पहले सीखना जरूरी है। रंगा ने कहा कि कास्टिंग किसी कलाकार को आगे बढ़ने में मदद कर सकती है, लेकिन अभिनय सिखा नहीं सकती। “कास्टिंग आपको मौके दिला सकती है, लेकिन एक्टिंग नहीं सिखा सकती। सबसे पहले किरदार के हिसाब से चेहरे की तलाश होती है।
नवनीत रंगा ने Raid 2 और Dahaad जैसी परियोजनाओं में अभिनय किया है, जबकि Panchayat, Lust Stories 2 और Jaane Jaan में कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया है। Panchayat के कास्टिंग अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतीक पचौरी को हमने इसलिए कास्ट किया क्योंकि उनकी तैयारी और अभिनय की बुनियाद मजबूत थी। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य के बिना इस इंडस्ट्री में लंबा सफर तय करना मुश्किल है। उनकी आगामी परियोजना फिल्मकार अनुराग कश्यप की ‘Monkey in a Cage’ है।