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अमित शाह की पहल रंग लाई: चार राज्यों के बीच 47 साल पुराना नर्मदा अवॉर्ड विवाद खत्म; जानें पूरा मामला

Wed, 08 Jul 2026 10:36 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश ने नर्मदा अवार्ड से जुड़े वर्षों पुराने भुगतान विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद खत्म होंगे और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का रास्ता खुलेगा।
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केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह के साथ मौजूद जल मंत्री और अन्य राज्य के सीएम - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा अवार्ड से जुड़े वर्षों पुराने लंबित भुगतान विवाद के अंतिम निपटारे (वन-टाइम सेटलमेंट) पर ऐतिहासिक समझौता हुआ। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अन्य तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत में राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे चारों राज्यों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग को भी नई मजबूती मिलेगी।

जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का खुलेगा रास्ता
राज्य सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में हुए इस समझौते से नर्मदा नदी के जल संसाधनों के प्रभावी और समन्वित उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे जल प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ भविष्य की परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है। राजस्थान सरकार ने हाल के वर्षों में पड़ोसी राज्यों के साथ जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कई अहम पहल की हैं। इनमें पार्वती-कालीसिंध एवं चंबल नदियों के जल उपयोग से जुड़ी एमपीकेसी परियोजना तथा हथिणीकुंड बैराज से शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाने संबंधी समझौते प्रमुख हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से जल संकट वाले क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
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1979 के नर्मदा अवार्ड से जुड़ा है मामला
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1979 में नर्मदा जल विवाद प्राधिकरण ने अपने अवार्ड के माध्यम से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा नदी के जल का आवंटन निर्धारित किया था। अवार्ड के प्रावधानों के अनुसार, मानसून के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त जल का उपयोग संबंधित राज्य अपने क्षेत्र में कर सकता है और इसे उसके निर्धारित जल हिस्से में नहीं जोड़ा जाएगा।

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अतिरिक्त जल के भंडारण की तैयारी
राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में मानसून के दौरान मिलने वाले अतिरिक्त जल के भंडारण की योजना की घोषणा की है। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से अतिरिक्त जल का भंडारण होने पर पश्चिमी राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह समझौता केवल वित्तीय विवाद का समाधान नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय सहयोग, दीर्घकालिक जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

 

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