फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: निकाय और पंचायत चुनावों में देरी पर बढ़ा विवाद, आयोग की छह चिट्ठियों पर सरकार से नहीं मिला जवाब

Mon, 23 Mar 2026 07:08 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Urban Body And Panchayat Elections Update: राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों में देरी को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद बढ़ गया है। आयोग की छह चिट्ठियों पर जवाब नहीं मिला, जबकि आरक्षण तय नहीं होने से पंचायत चुनाव कार्यक्रम भी अटका हुआ है।
विज्ञापन
राजस्थान के निकाय और पंचायत चुनावों में देरी पर बढ़ा विवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। चुनावों में हो रही देरी को लेकर मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है, जहां इस पर सुनवाई निर्धारित है।

विज्ञापन

 
हाईकोर्ट में कंटेंप्ट पर सुनवाई
प्रदेश में चुनावों में देरी को लेकर हाईकोर्ट की डबल बेंच में मंगलवार को कंटेंप्ट याचिका पर सुनवाई होनी है। हालांकि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
 
याचिकाकर्ता का दावा- नोटिस भेजे जा चुके
दूसरी ओर याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा का कहना है कि आयोग और सरकार को स्पीड पोस्ट, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजे जा चुके हैं। उनके अनुसार, इन नोटिसों की रसीद भी उनके पास उपलब्ध है।
विज्ञापन

 
आयोग की चिट्ठियों पर नहीं मिला जवाब
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार निकायों में परिसीमन को लेकर सरकार को बार-बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 396 निकायों में से 113 निकायों के परिसीमन को लेकर विवाद था। इस संबंध में आयोग ने 11 दिसंबर 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच स्वायत्त शासन विभाग को छह चिट्ठियां भेजीं, लेकिन किसी का भी जवाब नहीं दिया गया।

पढ़ें- Rajasthan Board Class 10th Result: आरबीएसई का रिजल्ट कल होगा जारी, जानें रिजल्ट पर क्या बोलें शिक्षा मंत्री?
 
बिना जवाब के जारी किया कार्यक्रम
सरकार की ओर से जवाब नहीं मिलने के बावजूद आयोग ने 196 निकायों के लिए मतदाता सूची अद्यतन करने का कार्यक्रम जारी कर दिया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया।
 
पंचायत चुनाव भी अटके
पंचायत चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आयोग का कहना है कि पंचायतों का परिसीमन तो पूरा हो चुका है, लेकिन आरक्षण तय नहीं होने के कारण चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया जा पा रहा है।
विज्ञापन

 
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के नियम (5) व (6) के अनुसार पंचायतों में वार्डों का एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षण राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी ही तय कर सकता है। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि बिना आरक्षण तय किए चुनाव कराना संभव नहीं है।


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें