कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया है। वहीं राजस्थान से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह से असम के प्रभारी पद की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। कांग्रेस के इस बदलाव को अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने और नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सचिन पायलट के सामने अब पंजाब में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी नियुक्त किया है।
सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी
सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने का फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पंजाब में कांग्रेस को संगठन के स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पार्टी ने पायलट को जिम्मेदारी देकर राज्य में संगठन को सक्रिय और मजबूत करने की कोशिश की है। पायलट इससे पहले छत्तीसगढ़ के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उन्हें पंजाब की कमान सौंपे जाने से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
भूपेश बघेल बने असम के प्रभारी
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाया है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह असम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। संगठन में किए गए इस बदलाव के तहत पार्टी ने जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटाकर भूपेश बघेल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। बघेल के सामने असम में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को गति देने की चुनौती होगी।
जितेंद्र सिंह से हटाया गया असम का प्रभार
राजस्थान से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह लंबे समय से असम के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कांग्रेस के ताजा संगठनात्मक फेरबदल में उनसे यह प्रभार हटा दिया गया है। पार्टी ने उनकी जगह भूपेश बघेल को असम की कमान सौंपी है। संगठन में इस बदलाव को कांग्रेस की राज्यों में नई रणनीति और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
रणदीप सुरजेवाला को गुजरात की जिम्मेदारी
कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया है। उनके पास कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी बना रहेगा। इसके अलावा पार्टी ने सुबोध गुप्ता को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। इस तरह कांग्रेस ने छह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।
अलग-अलग राज्यों में संगठन मजबूत करने की कोशिश
कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल को पार्टी की ओर से राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। नए प्रभारियों को संबंधित राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कांग्रेस को तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। सचिन पायलट और भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारी दिए जाने से पार्टी के राज्यवार संगठनात्मक अभियान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान की राजनीति पर भी पड़ेगा असर?
कांग्रेस के इस फेरबदल का असर राजस्थान की राजनीति पर भी देखा जा सकता है। सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी मिलने से राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है। वहीं जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटाए जाने के बाद राजस्थान कांग्रेस में भी इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।