राजस्थान विधानसभा में सीएम भजनलाल शर्मा के निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा रहे। सीएम ने सदन में कहा कि डोटासरा को तय करना चाहिए कि वो किसके साथ हैं। हरियाणा की जनता के साथ या फिर राजस्थान की जनता के साथ। डोटासरा हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने कांग्रेस का घोषणा पत्र जाने से पहले नहीं पढ़ा था। यमुना का पानी राजस्थान के लोगों को मिलना चाहिए था।
सीएम भजनलाल ने सदन में कहा कि गमछा घुमा रहे थे। सदन से वे चले गए पर उन्होंने ये नहीं बताया कि मोरिया किसको बोला। कितनी बार बोला है, अब हरियाणा की जनता ने भाजपा को समर्थन दे दिया है। अब यमुना का पानी डोटासरा जी नहीं रोक पाएंगे। उस पर राजस्थान के लोगों का हक है, वो राजस्थान को मिलेगा।
'डोटासरा राजस्थान या हरियाणा की जनता के साथ'
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को तय करना होगा कि वे किसके साथ हैं। वे हरियाणा की जनता के साथ थे या राजस्थान की जनता के साथ थे। राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस पानी से एक लाख 85 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। साथ ही चूरू और झुंझुनूं के लोगों को पीने का पानी मिलेगा। राजस्थान में जिला बनाने को लेकर भी सीएम ने कांग्रेस विधायकों के सामने सवाल खड़े किए। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने वोटों के लिए नए जिलों की घोषणा की थी। आचार संहिता लगने से कुछ दिन पहले जिले बनाए गए थे। कांग्रेस राजनीतिक फायदा उठाना चाहती थी।
67 साल में सात जिले बने
साल 1956 में प्रदेश में 26 जिले होते थे। तब से लेकर 67 साल में मात्र सात नए जिले बनाए गए। इन सात जिलों में से केवल एक जिला कांग्रेस की सरकार में बना था। बाकि जिले बीजेपी की सरकार में बने थे। आचार संहिता लगने से थोड़ी दिन पहले एक साथ 17 जिले बना दिए गए थे। जहां जिले बनाए गए, वहां की जनता ने भी कांग्रेस को नाकार दिया है। कांग्रेस की वोट की राजनीति जनता को पसंद नहीं आई। कांग्रेस ने एक पंचायत को जिला बना दिया था। क्या पोपाबाई का राज चल रहा है। राजस्थान में राज कानून के हिसाब से चलेगा।