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Bhai Dooj 2025: आज उदया तिथि में मनाया जाएगा पर्व, दोपहर 12:05 से 2:54 तक रहेगा तिलक का शुभ मुहूर्त

Thu, 23 Oct 2025 09:01 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

भाई दूज 2025 का पर्व आज 23 अक्टूबर को उदया तिथि में मनाया जाएगा। तिलक का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:05 से 2:54 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अंगूठे से तिलक करने से भाई के जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
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भाई दूज की शुभकामना संदेश - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश भर में आज भाई-बहन के स्नेह का पर्व भाई दूज  मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर की रात 8 बजकर 17 मिनट पर शुरू होकर 23 अक्टूबर की रात 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगी।  पर्व हमेशा उदया तिथि में मनाए जाते हैं, इसलिए शास्त्रों के अनुसार भाई दूज का पर्व 23 अक्टूबर को ही मनाना अत्यंत शुभ और विधि-सम्मत माना गया है।

 तिलक का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भाई दूज पर तिलक करने का सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 12:05 से 2:54 बजे तक रहेगा। इस दौरान 12:05 से 1:30 बजे तक ‘शुभ चौघड़िया’ और 1:30 से 2:54 बजे तक ‘अमृत चौघड़िया’ रहेगी। अमृत चौघड़िया को सर्वाधिक फलदायी और सौभाग्यवर्धक माना जाता है। इस मुहूर्त में भाई को तिलक करने से उसके जीवन में दीर्घायु, समृद्धि और सुख की वृद्धि होती है।

 भाई दूज की पूजा-विधि

भाई दूज पर पूजा और तिलक का कार्य सुबह नहीं, बल्कि दोपहर के समय करना शुभ माना गया है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक कर आरती उतारती हैं, मिठाई खिलाकर उनके दीर्घ जीवन और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

 अंगूठे से तिलक करने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई को तिलक हमेशा अंगूठे से लगाना चाहिए। प्राचीन काल में राजाओं और योद्धाओं को युद्ध पर जाने से पहले अंगूठे से ही तिलक लगाया जाता था, क्योंकि अंगूठा वायु और अग्नि तत्व का प्रतिनिधि करता है। अंगूठे से तिलक करने पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और भाई के भाग्य में उन्नति व सौभाग्य का योग बनता है। भाई दूज पर भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर उसके सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हैं। भाई दूज का त्योहार भाई दूज, भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया कई नामों से जाना जाता है। इसे यम द्वितीया, भाऊ बीज, भतरु द्वितीया आदि नामों से जाना जाता है।

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