रविंद्र सिंह भाटी ने आंदोलन के दौरान खुद पर पेट्रोल छिड़का
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गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में श्रमिकों के हक, सम्मान और अधिकारों को लेकर जारी आंदोलन मंगलवार को उस समय बेहद नाटकीय और भावुक मोड़ पर पहुंच गया, जब शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बाड़मेर कलेक्ट्रेट के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया।
पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे विधायक भाटी ने प्रशासनिक संवेदनहीनता और सरकार की चुप्पी के खिलाफ यह कदम उठाते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसी दौरान मौके पर मौजूद समर्थकों और श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
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धरनास्थल पर भावुक और आक्रोशित स्वर में विधायक भाटी ने कहा कि यह लोकतंत्र है या तानाशाही? एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि पिछले 15 दिनों से श्रमिकों के अधिकारों के लिए धरने पर बैठा है लेकिन सरकार की ओर से एक एसडीएम स्तर का अधिकारी तक वार्ता के लिए नहीं आया। आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि श्रमिकों को मरने के लिए मजबूर किया जाएगा, तो उससे पहले वे अपनी जान दे देंगे ताकि सत्ता में बैठे लोगों तक मजदूरों की पीड़ा पहुंच सके।
गौरतलब है कि गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिक शोषण, पर्यावरणीय अनियमितताओं तथा स्थानीय लोगों की अनदेखी को लेकर पिछले करीब 50 दिनों से आंदोलन जारी है। आंदोलनरत श्रमिक लगातार रोजगार सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता और श्रम अधिकारों की मांग कर रहे हैं। लगातार बढ़ते जनआक्रोश और सरकार की ओर से अब तक किसी ठोस पहल के अभाव ने प्रशासनिक कार्यशैली और संवादहीनता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।