Barmer News: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बाड़मेर का एक सरकारी शिक्षक सोशल मीडिया स्टेटस की वजह से बुरा फंस गया। आतंकी हमले को प्रोपेगेंडा करार देने की वजह से आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानें पूरा मामला...।
पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित टिप्पणी करना एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को भारी पड़ गया। बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी क्षेत्र स्थित दीपाजी की ढाणी के प्राइमरी स्कूल में कार्यरत शिक्षक जसवंत डाभी ने 24 अप्रैल को वॉट्सएप पर एक ऐसा स्टेटस लगाया, जिसने बवाल खड़ा कर दिया। डाभी ने हमले को प्रोपेगेंडा बताते हुए मीडिया पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और लिखा कि अगर धर्म पूछकर मारा होता, तो सैयद आदिल हुसैन शाह जिंदा होता?
जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। इस संवेदनशील मुद्दे पर डाभी का स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आक्रोश की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया यूजर्स ने टीचर की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग कर सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया।
इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और 25 अप्रैल को आरोपी शिक्षक जसवंत डाभी को गिरफ्तार कर लिया। गुड़ामालानी थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया कि डाभी से पूछताछ जारी है और साइबर सेल भी उसके डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की पोस्ट शांति भंग करने और आतंकियों की सोच को सपोर्ट करने वाली मानी जा सकती है। शिक्षा विभाग ने भी मामले पर कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार के निर्देशानुसार, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।