पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर X पोस्ट के जरिए BJP और RSS पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से BJP-RSS ने देश के संस्थानों पर दबाव बनाकर उन्हें अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया है। गहलोत का कहना है कि ED, CBI, इनकम टैक्स, दिल्ली पुलिस जैसी केंद्रीय एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संगठन भी अब सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं।
गहलोत ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह खुलासा किया कि न्यायपालिका पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इन संस्थानों की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली को लेकर गहरी चिंता है।
RSS का एजेंडा संस्थानों पर कब्जा करना
गहलोत ने RSS पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मंशा शुरू से ही सत्ता में शामिल होकर सभी संस्थानों पर कब्जा जमाने की रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन के दौरान RSS ने भारत की जनता के साथ न होकर अंग्रेजी सरकार का समर्थन किया था। उनका कहना है कि RSS और भाजपा का एजेंडा संस्थानों का दुरुपयोग कर जनता और विपक्ष को दबाने का है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर गहलोत का बयान
गहलोत ने सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने ED की मंशा पर सवाल उठाया है और कहा है कि एजेंसी का उद्देश्य केवल लोगों को आरोपी बनाकर जेल में बंद रखना है। उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर दिखाता है कि ED का उपयोग केंद्र सरकार जनता को डराने के लिए कर रही है।
राहुल गांधी के बयान का समर्थन
गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने देशवासियों को मौजूदा गंभीर स्थिति के प्रति आगाह किया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस बयान को तोड़-मरोड़ कर महंगाई और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। गहलोत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और भाजपा पर नए सिरे से सवाल खड़े कर रहा है।