अंता विधानसभा उपचुनाव में साइलेंस पीरियड शुरू हो गया। प्रचार-प्रसार, रैली और रोड शो पर रोक लगाई गई। क्षेत्र में होर्डिंग-बैनर हटाने, शराब दुकानों को सील करने और निगरानी बढ़ाने का काम जारी है। एफएसटी टीमें सक्रिय, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।
Anta Bypoll : अंता विधानसभा उपचुनाव में मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले आचार संहिता के तहत साइलेंस पीरियड लागू हो गया है। इसके साथ ही पूरे विधानसभा क्षेत्र में अब किसी भी तरह के सामूहिक प्रचार, रैली, रोड शो या जनसभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस अवधि में प्रत्याशी और राजनीतिक दल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कोई सार्वजनिक प्रचार नहीं कर सकेंगे।
साइलेंस पीरियड की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाने का काम शुरू कर दिया है। चुनाव विभाग की टीमों ने पूरे क्षेत्र में अभियान चलाकर प्रचार सामग्री को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने शराब की बिक्री पर भी रोक लगाई है। सभी मदिरा दुकानों को सील किया जा रहा है ताकि मतदान से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके।
अंता विधानसभा क्षेत्र में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि अब किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े बिना अधिकृत व्यक्तियों को विधानसभा क्षेत्र से बाहर जाना होगा। इसके लिए पुलिस की विशेष टीमें होटल, गेस्ट हाउस और रिसॉर्ट्स में जांच कर रही हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के दिन सुरक्षा बलों की सख्त निगरानी में मतदान होगा। सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और मतदान प्रक्रिया को वेबकास्टिंग के जरिए मॉनिटर किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य शांति, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया को पूरा करना है। अंता सीट पर मतदान के बाद 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी, जिसके परिणाम से यह तय होगा कि हाड़ौती क्षेत्र का नया "पावर सेंटर" किसके हाथ में जाएगा।
संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी
उन्होंने बताया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। एफएसटी (फ्लाइंग स्क्वॉड टीम) और एसएसटी (स्टेटिक सर्विलांस टीम) की संख्या दोगुनी कर दी गई है, जो वाहनों की चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रख रही हैं। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए राउंड-द-क्लॉक मॉनिटरिंग की जा रही है।
इस बार त्रिकोणीय मुकाबला