आगामी निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर भाजपा की बैठक में नेताओं के बीच कथित मतभेद सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, जोधपुर संभाग से जुड़े पार्टी नेताओं की बैठक में एक प्रत्याशी की पैरवी को लेकर सांसद पीपी चौधरी और बिलाड़ा विधायक अर्जुनलाल गर्ग के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब 10 मिनट तक नोकझोंक हुई। हालांकि, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बैठक में किसी भी तरह के विवाद से इनकार करते हुए इसे सौहार्दपूर्ण बताया है।
प्रत्याशी के नाम को लेकर बढ़ी तल्खी
सूत्रों के मुताबिक बैठक में संभावित प्रत्याशियों और चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान एक प्रत्याशी के नाम को लेकर पैरवी का मुद्दा सामने आया। बताया जा रहा है कि इसी विषय पर सांसद पीपी चौधरी और विधायक अर्जुनलाल गर्ग के बीच मतभेद बढ़ गए और बातचीत तीखी बहस में बदल गई। सूत्रों के अनुसार, बहस के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप भी लगाए गए। बताया जा रहा है कि विधायक अर्जुनलाल गर्ग ने सांसद की ओर से लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें निरर्थक बताया।
वरिष्ठ नेताओं ने कराया शांत
बैठक में मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कथित तौर पर दोनों नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी को शांत कराने का प्रयास किया। सूत्रों के मुताबिक करीब 10 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद बैठक आगे जारी रही और चुनावी तैयारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
चुनावी रणनीति और टिकट पर मंथन
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद बताए जा रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों, प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श करना था।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने विवाद से किया इनकार
हालांकि, बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किसी भी तरह के विवाद की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और सभी लोग एक राय से आगे बढ़ रहे हैं। उनके बयान के बाद पार्टी की ओर से बैठक को लेकर सकारात्मक संदेश देने का प्रयास नजर आया।
टिकट चयन को लेकर स्थानीय समीकरण अहम
सूत्रों के मुताबिक बैठक में सामने आई कथित नोकझोंक को टिकट और प्रत्याशी चयन से जुड़े स्थानीय समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। चुनाव से पहले संभावित प्रत्याशियों को लेकर नेताओं की पसंद और संगठन की रणनीति के बीच तालमेल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल, सांसद पीपी चौधरी और विधायक अर्जुनलाल गर्ग के बीच हुई कथित बहस को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए बैठक में हुए घटनाक्रम से जुड़े दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।