आईआईटी बीएचयू छात्र स्पर्श अग्रवाल ने बनाया लूना एआई
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तकनीकी दुनिया में भारत ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। जयपुर के 25 वर्षीय इंजीनियर स्पर्श अग्रवाल ने दुनिया का पहला स्पीच-टू-स्पीच एआई मॉडल ‘लूना एआई’ तैयार किया है। यह एआई न केवल मनुष्य की तरह बोल सकता है, बल्कि गाने, फुसफुसाने और भावनाएं व्यक्त करने की क्षमता भी रखता है। इसकी खासियत यह है कि इसे बिना किसी बड़ी टेक कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर या वेंचर कैपिटल निवेश के विकसित किया गया है।
आईआईटी बीएचयू से निकला नवाचार
स्पर्श अग्रवाल ने अपनी शिक्षा आईआईटी बीएचयू से पूरी की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने खुद का स्टार्टअप पिक्सा एआई स्थापित किया, जिसके तहत यह क्रांतिकारी मॉडल विकसित किया गया। लूना एआई की संरचना और कार्यप्रणाली पारंपरिक एआई चैट सिस्टम से बिल्कुल अलग है।
सीधे आवाज से आवाज तक की तकनीक
लूना एआई सीधे ऑडियो को प्रोसेस करता है, यानी यह आवाज को पहले टेक्स्ट में बदलने के बजाय सीधे मानव जैसी आवाज में प्रतिक्रिया देता है। इससे संवाद न केवल तेज होता है, बल्कि अभिव्यक्तिपूर्ण और भावनात्मक रूप से अधिक प्रभावी भी बन जाता है।
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मशीन नहीं, इंसान जैसी अनुभूति
लूना की संरचना इसे फुसफुसाने, सुर बदलने और गाने की क्षमता देती है। इस कारण यह एक मशीन की तरह नहीं, बल्कि एक वास्तविक इंसान जैसी अनुभूति कराता है। यही गुण इसे अब तक के सभी एआई मॉडलों से अलग बनाता है।
केंद्रीय आईटी मंत्री ने की सराहना
स्पर्श अग्रवाल की इस उपलब्धि की केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सराहना की है। उन्होंने लूना एआई को भारत की नवाचार क्षमता और युवाओं की तकनीकी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
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