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जयपुर: केस में राहत दिलाने के बदले मांगी 40 हजार की रिश्वत, हेड कांस्टेबल और दलाल रंगे हाथों गिरफ्तार

Tue, 01 Sep 2026 05:14 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरJaipur

सार

थाने में लंबित मामले में राहत देने के नाम पर 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल और उसके कथित दलाल को ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद अब दोनों के ठिकानों पर दस्तावेज और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
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40 हजार की रिश्वत लेते हैड कांस्टेबल और दलाल गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर ग्रामीण के अमरसर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य और उसके दलाल राकेश मीणा को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि थाने में लंबित एक मामले में परिवादी को राहत पहुंचाने और जांच उसके पक्ष में करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी।

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जांच के नाम पर मांगी रिश्वत
ACB के अनुसार परिवादी के खिलाफ अमरसर थाने में एक मामला लंबित था। इसकी जांच हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य कर रहा था। आरोप है कि मामले में राहत दिलाने और जांच में फायदा पहुंचाने के लिए हेड कांस्टेबल ने परिवादी से रिश्वत मांगी।

रिश्वत की रकम के लेनदेन के लिए कथित तौर पर राकेश मीणा को माध्यम बनाया गया। परेशान परिवादी ने इस संबंध में एसीबी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें हेड कांस्टेबल और दलाल द्वारा 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
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ट्रैप बिछाकर दोनों को पकड़ा
शिकायत के सत्यापन के बाद ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने राकेश मीणा और हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य को 40 हजार रुपए की रिश्वत की रकम दी, ACB टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया और आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।
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ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीमें हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य के आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर भी जांच कर रही हैं। टीम द्वारा आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक प्रकरण तक सीमित था या आरोपी पहले भी इसी तरह लोगों से रकम वसूलते रहे हैं।

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