राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो के एडिशनल एसपी खुद ही रिश्वत लेने के मामले में ट्रैप हो गए। एसीबी को उनके घर की तलाशी में 39 लाख रुपए से ज्यादा कैश मिले हैं।
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की साख को उस वक्त गहरा झटका लगा जब ACB के ही एडिशनल एसपी जगराम मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एसीबी जयपुर टीम ने शुक्रवार देर रात झालावाड़ में यह कार्रवाई की।
विज्ञापन
जगराम मीणा हाल ही में झालावाड़ से तबादले के बाद भीलवाड़ा में नई पोस्टिंग के लिए रवाना हो रहे थे। इस दौरान एसीबी टीम ने शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर उनकी कार की तलाशी ली, जिसमें 9 लाख 35 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इसके बाद एसीबी ने जयपुर स्थित उनके घर पर छापेमारी की, जहां से 39.5 लाख रुपये नकद, करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति के दस्तावेज और 85 बोतल महंगी विदेशी शराब मिली।
डीजी एसीबी रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि आरोपी जगराम मीणा पिछले दो महीने से विजिलेंस विंग की निगरानी में था और पहले भी ट्रैप होते होते बच चुका था। अब रामनगरिया थाने में आबकारी अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
विज्ञापन
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ और स्पेशल यूनिट द्वितीय की टीम ने किया। जानकारी के मुताबिक, मीणा का हाल ही में झालावाड़ से तबादला हुआ था और वहां उनके सम्मान में विदाई समारोह भी आयोजित किया गया था। वहीं, अब उनकी जगह प्रेरणा शेखावत को झालावाड़ में नया एडिशनल एसपी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि यह इस महीने का दूसरा मामला है, जब एसीबी के ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को भ्रष्टाचार में पकड़ा गया है। इससे पहले 19 मई को एसीबी एएसपी सुरेंद्र शर्मा को जयपुर में गिरफ्तार किया गया था।