राजस्थान के एमडीएम अस्पताल में पहली बार बिना किसी सर्जरी के दिल के छेद को सफलता पूर्वक बंद किया गया है।
रविवार को इस अस्पताल में एक मरीज के दिल के छेद का एक घंटे ऑपरेशन चला और उसे बंद कर दिया गया।
ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। कार्डियोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. पवन सारडा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर निवासी जहीर अबाबास(20) जन्म से ही पेटेंट डक्टम आरटिरियोसस बीमारी से ग्रस्त था।
इस ऑपरेशन में मरीज की पैर की धमनी के रास्ते एम्प्लाजर प्लग डालकर दोनों धमनियों के बीच को सफलतापूर्वक बंद किया गया।
ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश नहीं किया गया और वो पूरी तरह स्वस्थ है।
अस्पताल में हृदयरोगियों के चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही हर माह 300 एंजियोग्राफी, 60 एंजियोप्लास्टिक, 15 पेसमेकर किए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं बिना सर्जरी के बैलून से हार्ट वॉल्व खोलना, एंजियोप्लास्टी के माध्यम से किडनी, दिमाग, हाथ पांव की रुकावट को खोला जा रहा है।