राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना से अब काश्तकारों को अपनी जमीन वापस मिल सकती है। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर राजस्थान भू-राजस्व नियम 1970 में संशोधन किया है। इस संशोधन के अनुसार मुआवजा दिए बिना ली हुई काश्तकार की जमीन अगर उपयोग में नहीं आ रही है तो, ऐसे में सरकार को वह जमीन लौटानी पड़ सकती है।
अधिसूचना के अनुसार अगर कोई व्यक्ति जिसने अपने काश्तकारी अधिकार बिना किसी मुआवजे के सार्वजनिक प्रयोजन के लिए राज्य सरकार के पक्ष में समर्पित किए हैं और राज्य सरकार द्वारा ऐसी भूमि का लंबे समय से उस प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं किया गया है। ऐसे में वह व्यक्ति किसी भी समय उस भूमि का मूल प्रयोजन उपयोग करने के लिए जिला कलेक्टर को आवेदन कर सकता है।
जिला कलेक्टर आवेदन पर विचार करने और पूर्णता संतुष्ट होने के बाद कि भूमि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन से नहीं हुआ है तो वह आवेदक के पक्ष में आदेश जारी कर सकता है। ऐसी स्थिति में भूमि का दर्जा वापस वहीं हो जाएगा जो उसके द्वारा काश्तकारी अधिकार को समर्पित करने से पूर्व था।