कल पुलिस द्वारा पकड़े गए फर्जी आईपीएस अधिकारी को न्यायालय ने जेल भेज दिया है। इस फर्जी आईपीएस को निहालगंज थाना प्रभारी प्रणवेंद्र रावत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या दो के समक्ष गुरुवार को पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जिले की सदर थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक फर्जी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलिस वर्दी पहनकर और गाड़ी पर नीली बत्ती व स्टार लगाकर लोगों में धाक जमाता था। साथ ही टोल टैक्स और पुलिस चैकिंग से बचने के लिए इस तरीके का सहारा लेता था।
थाना प्रभारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुप्रीयो मुखर्जी पुत्र श्रीमन्ता कुमार मुखर्जी उम्र 45 वर्ष, निवासी चन्दन नगर, जिला हुगली (प. बंगाल) के रूप में हुई है। आरोपी की गाड़ी मारुति सुजुकी अर्टिगा से पुलिस ने नीली बत्ती, तीन स्टार लगे चिन्ह और भारी मात्रा में सामान बरामद किया। इसमें एक एयर साउंड पिस्टल, एक एयर रिवॉल्वर, एक एयर गन, दो एयर राइफल, 138 पैलेट कारतूस, दो मोबाइल, दो लैपटॉप, एक टैबलेट और चार फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं।
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पकड़े गए आईडी कार्ड इंटरनेशनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन, यूरोपोलिस फेडरेशन, यूरोपियन ऑक्जिलरी पुलिस एसोसिएशन और सेंटर ऑफ नेशनल सिक्योरिटी के नाम से बने हुए थे। पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह लोगों पर धौंस जमाने और टोल टैक्स से बचने के लिए पुलिस जैसी वर्दी पहनता और गाड़ी पर चिन्ह लगाता था।
थाना प्रभारी और टीम ने सदर चौराहे पर नाकाबंदी के दौरान आरोपी को पकड़ा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण संख्या 301/2025 दर्ज कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल निहालगंज थाना प्रभारी प्रवेन्द्र रावत मामले की जांच कर रहे हैं।