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Dholpur News: विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया इससे बचने का तरीका

Mon, 24 Mar 2025 05:43 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

 Dholpur: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी से बचने के लिए नियमित टीकाकरण करवाना, संतुलित आहार का सेवन करना, संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखना, मास्क का उपयोग करना और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है।
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टीबी दिवस को लेकर कार्यक्रम आयोजित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व टीबी दिवस के अवसर पर सोमवार को नगर परिषद चैंबर हॉल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गौरव मीना, बीसीएचओ चेतराम मीणा सहित टीबी विभाग के चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि पहले टीबी को बेहद घातक माना जाता था, लेकिन अब यह पूरी तरह ठीक हो सकती है, यदि समय पर उपचार लिया जाए। इस वर्ष विश्व टीबी दिवस की थीम "हां! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: प्रतिबद्ध करें, निवेश करें, वितरित करें" रखी गई है, जो सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करती है।

भारत में टीबी अब भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। विशेषज्ञों ने बताया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। टीबी मरीजों को नि:शुल्क उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, रोगियों के पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

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टीबी के बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण अज्ञानता और कुपोषण है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इस बीमारी की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। सही जानकारी और जागरूकता के अभाव में लोग समय पर इलाज नहीं कराते, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी से बचने के लिए नियमित टीकाकरण करवाना, संतुलित आहार का सेवन करना, संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखना, मास्क का उपयोग करना और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है। यदि किसी को टीबी हो जाए, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज करना आवश्यक है, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और घातक बना सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता और संसाधनों के सही उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में, सभी ने टीबी के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

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