राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह और सत्ता संघर्ष खत्म हो चुका है। बगावती तेवर के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट फिर से सरकार और पार्टी के साथ जुड़ गए हैं। आज वह अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक पहुंचे जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
इससे पहले जयपुर में पायलट ने कहा कि यह पार्टी नेतृत्व को तय करना है कि किसे संगठन में काम करना है और किसे सरकार में काम करना है। पायलट ने कहा, 'पार्टी अध्यक्ष, महासचिव और प्रभारी, कमेटी के सदस्य सब लोग चर्चा करेंगे कि कहां पर किसको इस्तेमाल करना है, यह अंतिम निर्णय पार्टी का होता है कि कौन सत्ता में काम करे और कौन संगठन में काम करे।'
पायलट को पिछले महीने पार्टी का व्हिप नहीं मानने पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तीन सदस्यीय समिति का गठन हुआ है और वो अपने आप चर्चा करके निर्णय करेगी और सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
पायलट ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘मैं कांग्रेस अध्यक्ष को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने बहुत जल्द हमारी मांग पर कार्रवाई की है और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन हुआ है। कमेटी अपने आप चर्चा करके निर्णय करेगी कैसे उनको काम करना है।’
उन्होंने कहा, ‘जो हमें कहना सुनना है वो पार्टी के मंच पर उस कमेटी के माध्यम से आलाकमान तक बात पहुंचाएंगे और उसके बाद जो रोडमेप उन्होंने तैयार किया है उस पर जल्द कदम उठाए जाएंगे।’
बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व का विरोध करने और पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करने वाले पायलट और 18 अन्य कांग्रेस विधायकों के बागी होने के बाद एक महीने के राजनीति संकट के बाद पिछले सप्ताह पार्टी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।