जिले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम में फर्जीवाड़ा करने वाले तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि इन डॉक्टरों ने फर्जी मार्कशीट के सहारे इंटर्नशिप पूरी की थी। फिलहाल तीनों को जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (एफएमजीई) में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। एसओजी की टीम ने बुधवार को दौसा में छापा मारकर तीन युवा डॉक्टरों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि इन तीनों ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप पूरी की थी।
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शिकायत मिलने पर मेडिकल काउंसिल और एसओजी की संयुक्त जांच में मामला सामने आया। जांच के बाद जब दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तो तीनों डॉक्टरों की डिग्रियां और मार्कशीट फर्जी पाई गईं।
जानकारी के अनुसार दौसा शहर के सैथल मोड़ क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर को सबसे पहले हिरासत में लिया गया। इसके बाद खेरवाल क्षेत्र से दूसरे डॉक्टर को पकड़ा गया, जबकि मंगलवार को ही आगरा रोड इलाके से एक और डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया था।
दौसा डीएसटी और स्थानीय थाना पुलिस के अनुसार डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी, डॉ. देवेंद्र सिंह गुर्जर और डॉ. शुभम गुर्जर को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल तीनों को जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि तीनों डॉक्टरों को दौसा से जयपुर लाया गया है। पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था और फर्जी मार्कशीट कैसे तैयार की गई। एसओजी इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी संदेह है कि इस फर्जीवाड़े में कुछ एजेंट और बाहरी संस्थाएं भी शामिल हो सकती हैं।