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Bandikui News: रेल कर्मचारियों ने रोकी पूजा एक्सप्रेस, लोको पायलट स्थानांतरण को लेकर विरोध प्रदर्शन

Sat, 07 Mar 2026 04:47 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदीकुई

सार

लोको पायलट पदों के स्थानांतरण को लेकर बांदीकुई में रेलवे कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। कर्मचारियों ने पूजा एक्सप्रेस ट्रेन के सामने नारेबाजी कर निर्णय को वापस लेने की मांग की।
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दौसा बांदीकुई में विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी
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विस्तार
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रेल कर्मचारियों के आक्रोश ने शुक्रवार को बांदीकुई जंक्शन पर माहौल गरमा दिया। लोको पायलट के 23 पदों के स्थानांतरण के विरोध में कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अजमेर-जम्मूतवी पूजा सुपर फास्ट ट्रेन के सामने नारेबाजी कर रेल प्रशासन के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला बांदीकुई लोको लॉबी के साथ अन्याय है और इससे यहां के रेलवे ढांचे पर सीधा असर पड़ेगा।

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रेल कर्मचारियों के मुताबिक वर्ष 2025 के कैडर रिव्यू में बांदीकुई के लिए कुल 24 लोको पायलट पद स्वीकृत किए गए थे। इनमें 1 लोको पायलट मेल, 5 लोको पायलट सवारी गाड़ी, 7 लोको पायलट मालगाड़ी, 9 वरिष्ठ सहायक लोको पायलट और 2 सहायक लोको पायलट के पद शामिल थे।

कर्मचारियों का आरोप है कि बाद में हुई पिन-पॉइंटिंग प्रक्रिया में इन 24 में से 23 पद स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिए गए। इनमें 1 लोको पायलट मेल और 5 लोको पायलट सवारी गाड़ी के पद बांदीकुई से जयपुर भेज दिए गए, जबकि 5 लोको पायलट मालगाड़ी, 10 वरिष्ठ सहायक लोको पायलट और 2 सहायक लोको पायलट के पद न्यू फुलेरा स्थानांतरित कर दिए गए।
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कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बांदीकुई लोको लॉबी के साथ लंबे समय से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे पहले भी मेल ट्रेन से जुड़ी तीन पोस्ट बांदीकुई से जयपुर भेजी जा चुकी हैं।

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कर्मचारियों ने यह भी बताया कि बांदीकुई-टूंडला बीट का संचालन भी अब स्थानीय स्टाफ से नहीं कराया जा रहा है। इसकी जगह एनसीआर के क्रू को लगाया गया है, जबकि वर्षों से इस रूट पर बांदीकुई के कर्मचारी ही ड्यूटी करते आए हैं।

संयुक्त मोर्चे के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने कहा कि लगातार पदों का स्थानांतरण बांदीकुई के रेलवे ढांचे को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि यह कदम धीरे-धीरे बांदीकुई के रेलवे अस्तित्व को खत्म करने की साजिश का हिस्सा है।

कर्मचारियों ने यह भी कहा कि पिन-पॉइंटिंग की प्रक्रिया से पहले रेलवे प्रशासन ने किसी भी ट्रेड यूनियन से चर्चा नहीं की, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरित पदों को वापस बांदीकुई में नहीं लाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि वे बांदीकुई के रेलवे हितों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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