दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे के बाद जयपुर रेंज के आईजीपी राहुल प्रकाश घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली और दुर्घटना के संभावित कारणों की समीक्षा की।
प्रारंभिक जांच में डाइवर्जन बना हादसे की बड़ी वजह
आईजीपी राहुल प्रकाश ने बताया कि शुरुआती जांच और एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर यह संभावना सामने आई है कि घटनास्थल के पास जयपुर की ओर जाने वाला डाइवर्जन है। आशंका है कि ट्रेलर चालक इस डाइवर्जन को पार कर आगे निकल गया था। इसके बाद उसने वाहन रोककर वापस मुड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही स्लीपर बस ट्रेलर से टकरा गई और बड़ा हादसा हो गया।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित स्थान पर डाइवर्जन के स्पष्ट संकेतक (इंडिकेटर) पर्याप्त नहीं होने की बात भी जांच का हिस्सा है। हालांकि, यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और विस्तृत तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
आईजीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट तौर पर दिख रहा है कि स्लीपर बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। ट्रेलर डाइवर्जन पॉइंट से थोड़ा आगे निकल गया था और उसने गति कम करते हुए यू-टर्न लेने का प्रयास किया। इसी दौरान सीधे आ रही बस ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन हाईवे के मीडियन पर चढ़ गए और उनमें आग लग गई।
भविष्य में ऐसे हादसे रोकने पर रहेगा फोकस
एनआईसी और एनएचएआई द्वारा संचालित ई-चालान व्यवस्था में कमियों को लेकर आईजीपी ने कहा कि इसकी बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। पहले इसमें लेन ड्राइविंग का विकल्प नहीं था, जिसे अब जोड़ा गया है। ओवरस्पीड वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में मौजूद कमियों को भी दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में एक्सप्रेसवे पर इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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लेन ड्राइविंग और नो-पार्किंग नियम होंगे और सख्त
जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे की तर्ज पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के सवाल पर आईजीपी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लेन ड्राइविंग को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वाहन चालक अपनी निर्धारित लेन में चलें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर नो-पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। दौसा और अलवर पुलिस इस संबंध में लगातार कार्रवाई कर रही है, जिसे आगे और प्रभावी बनाया जाएगा।