देवनगरी दौसा का प्रसिद्ध मिनी पुष्कर कहे जाने वाला गेटोलाव धाम इस समय अपनी अद्भुत सुंदरता से लोगों को आकर्षित कर रहा है। मानसून की मेहरबानी से सरोवर पानी से लबालब भरा हुआ है और चारों ओर फैली हरियाली लोगों को ताजगी का एहसास करा रही है। रोजाना सैकड़ों लोग यहां आकर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के साथ-साथ धार्मिक आस्था से जुड़े कार्य भी कर रहे हैं।
सरोवर में पुण्य अर्जित करने की परंपरा
गेटोलाव धाम आने वाले श्रद्धालु सरोवर में मौजूद मछलियों को आटे की गोलियां डालकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। यह परंपरा यहां की धार्मिक मान्यता से जुड़ी हुई है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने भी यहां पहुंचकर योगाभ्यास किया और सरोवर की सुंदरता की सराहना करते हुए जिला प्रशासन को सुधार कार्यों के निर्देश दिए। उन्होंने घाट पर जाकर मछलियों को आटे की गोलियां डालकर धार्मिक आस्था का पालन भी किया।
सड़क और सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत राशि
गेटोलाव धाम दौसा-लालसोट राजमार्ग के पास स्थित है। इसकी खूबसूरती और धार्मिक महत्ता को देखते हुए सरकार भी इसे विकसित करने की दिशा में कदम उठा रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग को 11 लाख रुपये की राशि सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत की गई है। वहीं, अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से गेटोलाव का सौंदर्यीकरण और नवनिर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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‘पक्षी आश्रय स्थली’ के रूप में पहचान
गेटोलाव धाम न केवल धार्मिक और प्राकृतिक महत्व रखता है बल्कि इसे प्रदेश में ‘पक्षी आश्रय स्थली’ के रूप में भी पहचान मिली है। पूर्व विधायक शंकर शर्मा ने अपने कार्यकाल में यहां के धार्मिक और प्राकृतिक महत्व को देखते हुए इसके विकास की दिशा में कदम बढ़ाए थे। इसके साथ ही राज्यसभा सांसद, स्थानीय विधायक कोष, जल संसाधन विभाग, नगर परिषद, जिला प्रशासन और आमजन के सहयोग से गेटोलाव धाम को यह स्वरूप मिला है।
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