दुर्घटनाग्रस्त वाहन और सड़क फैला सामान
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दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सोमवार रात फिर हादसों से दहल उठा। अलग-अलग स्थानों पर हुए तीन सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। पहला हादसा बड़कापाड़ा टोल के पास पिलर संख्या 228 के समीप हुआ, जहां अदरक से भरा ट्रक तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर सड़क के बीचोबीच पलट गया। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त ड्राइवर को नींद आने के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा, जिससे ट्रक पलट गया और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रक के बीच सड़क पर पलटने से कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात ठप हो गया।
लालसोट थाना पुलिस ने पहुंचकर कराया यातायात सुचारु
हादसे की सूचना मिलते ही लालसोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को हटवाया, जिससे यातायात फिर से चालू हो सका। घायल खलासी को इलाज के लिए लालसोट अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जबकि मृतक ड्राइवर का शव अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान की जा रही है और परिजनों को सूचना भेज दी गई है।
दूसरा हादसा केले से भरे ट्रक के पलटने से, एक घायल
एक्सप्रेसवे पर दूसरा हादसा सदर थाना क्षेत्र में पिलर संख्या 176 के पास हुआ। यहां केले से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।
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पिकअप पलटने से तीसरा हादसा, तीन लोग घायल
तीसरा हादसा पिलर संख्या 170 के पास हुआ, जहां तेज गति से जा रही पिकअप वैन पलट गई। इस हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस का कहना है कि यह दुर्घटना भी तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के कारण हुई।
रफ्तार और लापरवाही बनी हादसों की बड़ी वजह
तीनों घटनाओं में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना ही हादसों का मुख्य कारण रहा। अधिकारी ने बताया कि रात के समय वाहन चालकों को नींद आने से हादसे बढ़ रहे हैं, इसलिए ड्राइवरों को लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त विश्राम लेने की सलाह दी गई है।
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