दौसा जिले में आमजन को सरकार ने बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 32 कस्बों व गावों में अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों के नए भवन बनाने के लिए 70.38 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, लेकिन अस्पताल भवनों के निर्माण के लिए जमीन ही नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए। ये राशि कहीं दो साल से और कहीं तीन साल से जमीन के इंतजार में पड़ी है। हालात ये हैं कि कई स्थानों पर प्रशासन ने जमीन भी आवंटन कर दी, लेकिन वहां से प्रसाशन अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है।
एईएन एनएचएम मोहन महावर ने बताया कि कई ऐसे स्थान हैं जहां जमीन गड्ढों में आवंटित कर दी है। ऐसी स्थिति में भवन नहीं बन पा रहे और ज्यादातर चिकित्सा संस्थान पुराने भवन व एक एक कमरों में चल रहे हैं। इनमें ज्यादातर संस्थान तीन साल पहले कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में क्रमोन्नत हुए थे। बांदीकुई के उप जिला अस्पताल के लिए बाईपास पर जमीन आवंटित कर दी। सरकार ने इसके लिए 4093 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए और उसकी चारदीवारी भी करा दी गई। लेकिन दूरी के विरोध के कारण उसे शहर में बनाने की मांग को लेकर निर्माण शुरू नहीं हो सका है। अब आबादी क्षेत्र में दूसरी जमीन की तलाश की जा रही है, जिससे उसे आवंटित कराया जा सके।
बांदीकुई के देलाडी पीएचसी के लिए जो जमीन आवंटित की है, वह 15 फीट गहरी है। इसके लिए 143 लाख मंजूर हुए हैं, लेकिन मिट्टी भराव होने के कारण खर्चा अधिक आएगा। लालसोट के सोनड़ में सीएचसी के लिए 3 साल पहले 536 लाख और सिकराय के बहरांवड़ा में इसी साल 832 लाख रुपये का बजट भी आवंटित हो गया, लेकिन भवन निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है।
महावर ने बताया कि लालसोट की इंदावा पीएचसी भवन के लिए 159 लाख तो मंजूर कर दिए, लेकिन अभी जमीन का डिमार्केशन ही नहीं हो पा रहा है। जबकि सिकराय के कालाखो में 159 लाख के पीएचसी भवन के लिए जो जमीन आवंटित की है, वहां भवन निर्माण नहीं किया जा सकता। महवा के गहनोली में पीएचसी के लिए 159 लाख स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन आवंटित जमीन से प्रशासन अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है। वहीं दौसा विशनपुरा में 159 लाख के पीएचसी भवन के लिए चिकित्सा विभाग ने वर्क विड्रॉ कर लिया है। लालसोट के शाहपुरा की पीएचसी के लिए 3 साल पहले 143 लाख मंजूर हुए, लेकिन अभी तक जमीन आवंटित नहीं हुई है।
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महावर ने बताया कि बांदीकुई में दूसरी जमीन आवंटित कराने की प्रक्रिया चल रही है। जबकि अभी जहां सीएचसी व पीएचसी के लिए जमीन आवंटित नहीं हुई है, उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो राशि स्वीकृत हुई है वह लैप्स नहीं होगी, जिससे भूमि आवंटित होने के साथ ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कई जगह अतिक्रमण है तो प्रशासन के स्तर पर हटवाया जाएगा। जिन स्थानों पर डीप में जमीन दी है, अब उसकी लागत बढ़ गई है।
उन्होंने आगे बताया कि दौसा जिले में 55-55 लाख की राशि से बनने वाले दौसा ब्लॉक के मतबास, गोठड़ा, भूतौली, गणेशपुरा व हिंगोटिया, सिकराय के गिरधरपुर व पाडली, लालसोट के झेलमपुरा व बड़ागांव, महवा के ढिगरिया टप्पा, बांदीकुई के अलीपुर और नांगल राजावतान के बगपुरा में अभी तक जमीन आवंटित नहीं हुई है, जबकि इन्हें राशि स्वीकृत हुए 2 से 3 साल का समय हो चुका है। इसी प्रकार सिकराय के रामगढ़ में वर्क विड्रॉ कर लिया है।
वहीं, दौसा के कंवरपुरा के लिए भूमि की डबल सैंशन जारी हो गई। इसलिए अभी तक इसका निर्णय नहीं हो पाया है। मोरोली में आवंटित जमीन से अतिक्रमण नहीं हटा है। महेश्वरा खुर्द में तालाब क्षेत्र में भूमि आवंटित कर दी, जहां भराव क्षेत्र में भवन नहीं बन सकता। सिकराय के घूमना का सब सेंटर अब पीएचसी में क्रमोन्नत हो चुका है। इसकी राशि वर्ष 2023 में स्वीकृत हो गई, लेकिन भवन निर्माण नहीं हुआ और इसे क्रमोन्नत करने से अब भवन निर्माण अटक गया है।