राजस्थान के जालोर जिले में एक महिला कांस्टेबल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को दी।
पुलिस ने बताया कि 27 वर्षीय मृतक महिला का नाम गीता विशनोई था। उन्होंने सांचौर पुलिस स्टेशन के अपने क्वार्टर में सीलिंग हुक से गुरुवार की रात फांसी लगा ली।
पुलिस के मुताबिक गीता ने आत्महत्या करने से पहले अपने भाई को मैसेज किया था। जिसमें उसने कहा था कि उसके अफसर ने होली वाले दिन उसकी एबसेंट लगा दी है। जिसके चलते वह तनाव में हैं। वह क्वार्टर में अकेले रहती थी।
गीता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। और मामले की जांच की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने थानाधिकारी और एक महिला कांस्टेबल पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। गीता के परिजनों ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इस मांग को लेकर शव उठाने से भी इनकार कर दिया है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को गीता जब कमरे से बाहर नहीं निकली तो साथी महिला कांस्टेबल ने अन्य लोगों को सूचित किया। जब गीता का कमरा खोलकर देखा गया, तो वो फंदे से लटकी हुई थी। सुसाइड नोट में गीता ने थानाधिकारी पुष्पेंद्र वर्मा व एक महिला कांस्टेबल केलम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उसने अपने माता-पिता, भाई-बहन और दोस्तों से माफी भी मांगी है।
मृतक गीता के भाई का कहना है कि थानाधिकारी, महिला कांस्टेबल और एक अन्य शख्स के खिलाफ मामला दर्ज हो। इसके बाद ही वे शव उठाएंगे। पुलिस अधीक्षक केसर सिंह ने गीता के परिजनों को समझाने की कोशिश भी की।
बताया जा रहा है कि गीता ने कुछ दिन पहले पूर्व जिला पुलिस अधीक्षक के सामने उपस्थित होकर अपनी परेशानी बताई थी। गीता ने कहा था कि उसे विभागीय अधिकारियों की तरफ से प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसके चलते उसने थाना बदलने को कहा।
गीता उस वक्त ज्यादा परेशान हो गई जब आठ घंटे की ड्यूटी करने के बाद भी उसकी अनुपस्थिति लगा दी गई।