23 साल की हुई देश की सबसे उम्रदराज बाघिन
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आभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क की पहचान बन चुकी बाघिन महक शुक्रवार को 23 साल की हो गई। इसके साथ ही महक ने देश में सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने वाली बाघिन के तौर पर एक रिकॉर्ड कायम किया है। आमतौर पर बाघों की औसत आयु करीब 16 से 18 साल मानी जाती है, लेकिन महक इस उम्र से करीब पांच से सात साल अधिक जी चुकी है।
23 साल की उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ
वन विभाग के अनुसार, 23 साल की उम्र में भी महक स्वस्थ है और पार्क में सामान्य रूप से विचरण कर रही है। सहायक वन संरक्षक पंकज कुमार मीणा ने बताया कि कुछ समय पहले मौसम में बदलाव के कारण महक की तबीयत प्रभावित हुई थी। इसके चलते उसके खान-पान में भी आवश्यक बदलाव किए गए थे। फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी नियमित निगरानी की जाती है और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों की टीम उसका उपचार करती है।
2004 में जयपुर में हुआ था जन्म
महक का जन्म 28 अगस्त 2004 को जयपुर में हुआ था। करीब 19 साल बाद वर्ष 2023 में उसे कोटा के आभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क लाया गया। यहां उसे बाघ नाहर के साथ रिलीज किया गया था। तब से महक पार्क में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
औसत उम्र से 5 से 7 साल ज्यादा
वन विभाग के मुताबिक, बाघों की सामान्य जीवन प्रत्याशा 16 से 18 साल के आसपास होती है। ऐसे में 23 वर्ष की उम्र तक पहुंचना अपने आप में असाधारण है। महक ने सामान्य औसत आयु से करीब 5 से 7 साल अधिक जीवन जीकर उम्र का नया रिकॉर्ड बनाया है।
स्वास्थ्य पर लगातार रखी जा रही नजर
अधिक उम्र के बावजूद महक की गतिविधियों पर वन विभाग लगातार नजर रख रहा है। उसके स्वास्थ्य, खान-पान और व्यवहार की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि उसे उम्र के इस पड़ाव पर किसी तरह की परेशानी न हो।
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देश की सबसे उम्रदराज बाघिन होने का दावा
वन विभाग का दावा है कि देश में अब तक 23 वर्ष की उम्र तक जीवित रहने वाली महक पहली बाघिन है। उसके 23वें जन्मदिन पर पार्क प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने भी उसकी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य को उपलब्धि के तौर पर देखा।