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जाटों को मनाने के फेर में फंसी कांग्रेस

Thu, 02 Jul 2015 07:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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बहुचर्चित भंवरी देवी देह शोषण एवं हत्या के आरोपी पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की पत्नी लीला मदेरणा को प्रदेश कांग्रेस महासचिव पद देकर जाटों को खुश करने के फेर में कांग्रेस खुद फंस गई है।
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कांग्रेस नेता अंदरखाने छवि खराब होने की बातें करने लगे हैं। हालांकि इस फैसले से असंतुष्ट नेता अभी खुलकर सामने नहीं आ रहे। उनका कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस की हालत पहले ही खराब है, उस पर लीला मदेरणा को अहम पद देने से कार्यकर्ताओं में गलत संदेश गया है। कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव में भी लीला को विधानसभा टिकट देने पर विरोध सहना पड़ा था।

कांग्रेस आलाकमान की स्वीकृति के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बुधवार को पांच महासचिवों के नामों की घोषणा की थी। इनमें से एक नाम लीला मदेरणा का भी था। इसके बाद से ही कांग्रेस के कई नेता पायलट तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं।
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इधर, कांग्रेस विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा और पंचायती राज चुनाव हारने का कारण जाटों की नाराजगी मान रही है। कांग्रेस राजस्थान के सबसे बड़े वोट बैंक जाट समाज को खुश करना चाहती है। कांग्रेस अगले चुनाव तक चाहती है कि जाट उसके समर्थन में आ जाएं। कांग्रेस का मानना है कि जाटों के बड़े नेता परसराम मदेरणा के परिवार को आगे लाकर इसकी भरपाई की जा सकती है।

पहले भी हुआ था विरोध
विधानसभा चुनावों में लीला मदेरणा के साथ भंवरी कांड के दूसरे आरोपी मलखान सिंह की मां को टिकट दे दिया था। साथ ही, दुष्कर्म मामले में आरोपी पूर्व मंत्री बाबू लाल नागर के भाई को टिकट दिया गया था। तब भी कांग्रेस को कार्यकर्ताओं का विरोध सहना पड़ा था।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि इससे कांग्रेस की छवि खराब हो रही है। चुनाव में कांग्रेस को इसका खमियाजा भी भुगतना पड़ा। नेताओं का कहना है कि दागियों के परिदजों को टिकट देने से अन्य जातियां नाराज हो सकती हैं।
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