जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स की लगातार कार्रवाई जारी है। एक दिन पहले नारकोटिक्स ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं, अब चित्तौड़गढ़ पुलिस ने तस्करी के मामले के शिकंजा कसा है। जिले की मंडफिया थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर एक राहगीर को पकड़ा है। तलाशी में उसके पास से पांच किलो अफीम पकड़ी गई है। इसका अनुमानित मूल्य दस लाख से अधिक रुपये बताया जा रहा है।
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पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर की ओर से अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत मंडफिया थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। मंडफिया थानाधिकारी गोकुल लाल डांगी ने जाब्ते के साथ निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाइवे पर चिकारड़ा गांव की सरहद में नाकाबंदी की थी। इस दौरान एक व्यक्ति निंबाहेड़ा की और से एक पैदल व्यक्ति आता दिखाई दिया। यह व्यक्ति दूर से ही पुलिस को देख पर मुड़कर जाने लगा। इस पर संदेह हुआ और पुलिस ने इसे रोक कर पूछताछ की, लेकिन यह कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया। इस पर पुलिस ने राहगीर के बैग की तलाशी ली। इसमें पुलिस को बैग से पांच किलो 147 ग्राम अफीम बरामद हुई। इस पर आरोपी जालौर जिले के सांचौर थाना क्षेत्र के सरनाउ गांव निवासी दिनेश पुत्र पूनमाराम विश्नोई (भादू) को गिरफ्तार कर लिया।
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इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपित से अफीम की खरीद फरोख्त के संबंध मे अनुसंधान जारी है। मामले में जांच भदेसर थानाधिकारी धर्मराज मीना को सौंपी है। प्रारंभिक पूछताछ में यह अफीम राजस्थान-मध्यप्रदेश की बॉर्डर के गांवों से एकत्रित कर मारवाड़ ले जाने की बात सामने आ रही है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही नारकोटिक्स की टीम ने भी चित्तौड़गढ़ जिले के मायरा गांव में दबिश दी। यहां एक व्यक्ति के द्वारा मकान की छत पर बनी टंकी में छिपा कर रखी अफीम को बरामद कर लिया।