कोटा एसीबी रेंज ने जिले में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए वन विभाग के तीन फॉरेस्ट गार्ड को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है। यह कार्रवाई बरदा डेम स्थित वन विभाग चौकी पर की गई।
खास बात यह रही कि सोमवार को एसीबी ने बूंदी में एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई की। इससे पहले पंचायत समिति के एक सचिव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरी कार्रवाई में वन विभाग के कर्मचारियों पर शिकंजा कसा गया।
जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुरा निवासी परिवादी अपनी जेसीबी मशीन से खेत सुधार और खाद डालने का कार्य कर रहा था। आरोप है कि फॉरेस्ट गार्ड रूपाराम और अन्य वन विभाग कर्मियों ने जेसीबी संचालित करने देने की एवज में एक लाख रुपये प्रतिमाह रिश्वत की मांग की थी। बाद में एसीबी द्वारा कराए गए सत्यापन में 50 हजार रुपये प्रतिमाह रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। आरोपियों ने रिश्वत नहीं देने पर जेसीबी मशीन जब्त करने और कार्रवाई करने की धमकी देकर परिवादी को परेशान किया।
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परिवादी की शिकायत पर एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया। 11 जून को हुई सत्यापन कार्रवाई में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत के रूप में जबरन वसूल किए थे।
शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार को पुलिस निरीक्षक चन्द्रकंवर के नेतृत्व में गठित ट्रैप दल ने बरदा डेम स्थित वन विभाग चौकी पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान फॉरेस्ट गार्ड रूपाराम, रामावतार और विजेन्द्र को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं मामले में संलिप्त फॉरेस्ट गार्ड साबूलाल को लक्ष्मीपुरा वन चौकी से डिटेन कर पूछताछ की जा रही है।
एसीबी टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है।