उधर, भाजपा के लिए राजस्थान में एक और नई मुसीबत खड़ी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी-शाह से नाराजगी की वजह से भाजपा नेता और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री अपनी नई पार्टी बना सकती हैं। ऐसी अटकलें हैं कि राजे इस वक्त पार्टी से नाराज चल रही हैं और भाजपा के 46 विधायकों को साथ लेकर नई पार्टी का एलान कर सकती हैं।
कहा जा रहा है कि इस बार राजे राजस्थान भाजपा की ओर से जारी की गई प्रदेश पदाधिकारियों की ताजा सूची से नाराज हैं। इस सूची में वसुंधरा के करीबियों को कम और विरोधी खेमे के लोगों को अधिक पदों पर नियुक्त किया गया है।
लंबे समय से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा हाईकमान वसुंधरा राजे से नाराज है और प्रदेश में उनकी जगह किसी और को नेतृत्व देना चाहता है। इतना ही नहीं मोदी और शाह की जोड़ी भी वसुंधरा राजे से नाखुश बताई जा रही है। हालांकि इन सबके बावजूद राजे के साथ भाजपा नेताओं का बड़ा समर्थन होने की वजह से पार्टी को हर बार उनके सामने झुकना पड़ा है।
उधर, इन सब अटकलों और कयासों के बीच वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और राजनीतिक हालात पर चर्चा की। एक दिन पहले उन्होंने जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।