नागौर जिले के मेड़ता उपखंड में बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सांसद दीया कुमारी की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को चाय पिलाई गई थी। चाय वाले का जब भुगतान नहीं हुआ तो वर्तमान मंडल अध्यक्ष मुक्तिलाल और मंडल के पूर्व महामंत्री कैलाश जांगिड़ आपस में भिड़ गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
दरअसल, पीएम मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मेड़ता के मीराबाल स्कूल में प्रोग्राम आयोजित किया गया था, जिसमें दुकानदार गोविंद हलवाई से 10 रुपये के हिसाब से 130 चाई बनवाई गई थी, दुकानदार के कुल एक हजार 300 रुपये हुए थे। हलवाई ने बताया, उसने चाय अध्यक्ष के कहने पर भेजी थी। कार्यक्रम के बाद जब हलवाई ने मंडल अध्यक्ष से भुगतान मांगा तो उन्होंने कुछ दिन रुकने को कहा। फिर भी भुगतान नहीं हुआ तो हलवाई ने यह बात पूर्व महामंत्री कैलाश जांगिड़ को बता दिया।
कैलाश ने मंडल उपाध्यक्ष दलीप को फोन करके भुगतान करने के लिए कहा था। जब दलीप ने अध्यक्ष मुक्तिलाल के सामने बात रखी तो वह नाराज हो गए और पूर्व महामंत्री जांगिड़ के घर पहुंच गए। वहां पर भुगतान को लेकर आपस में विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में अध्यक्ष और पूर्व महामंत्री आपस में भीड़ रहे थे। इसी दौरान पास में खड़े लोग उनको छुड़ाते हुए नजर आए।
जब इस वायरल वीडियो को लेकर अमर उजाला की टीम ने नागौर बीजेपी जिला अध्यक्ष व नागौर विधायक मोहनराम चौधरी से बात की तो उन्होंने बताया कि हां ऐसा मेड़ता में विवाद हुआ है। उनको इसकी जानकारी मिली है, उसके पास विवाद को लेकर मंडल अध्यक्ष मुक्तिलाल का फोन भी आया था। उन्होंने इस बात को लेकर अवगत भी करवाया था। इसके बाद उन्होंने कहा, वहां विवाद शांत करवाने को लेकर पार्टी की ओर से बीजेपी किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री लक्ष्मीनारायण मुंडेल को भेजा है। उन्होंने कहा कि में इस मामले को व्यक्तिगत देख रहा हूं।