खेजड़ी बचाओ अभियान को लेकर अनशन पर संत समाज
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बीकानेर में ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात के बाद भी आंदोलन जारी है। बिश्नोई समाज के करीब एक सौ पचास लोग विष्णु धर्मशाला के सामने क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक पूरे राजस्थान के लिए खेजड़ी बचाओ कानून नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संत सच्चिदानंद क्या बोले?
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बिश्नोई समाज के संत सच्चिदानंद ने कहा कि कुल्हाड़ी उनकी भारी है, सर हमारे ज्यादा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज खेजड़ी वृक्षों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और कानूनी प्रावधान बनने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आगामी 17 फरवरी को बीकानेर से कुछ किलोमीटर दूर जुम्बेश्वर महाराज का मेला आयोजित होना है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। इस बार आयोजन समिति ने तय किया है कि श्रद्धालु जुम्बेश्वर महाराज के ढोक लगाने के बाद व्रत करने के लिए बीकानेर स्थित विष्णु धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां आंदोलन चल रहा है।
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कानून बनाने पर सहमति की चर्चा
सूत्रों के अनुसार राजस्थान सरकार खेजड़ी बचाओ आंदोलन को समाप्त करने के लिए पूरे प्रदेश में सख्त कानून बनाने पर सहमत हो गई है। बताया जा रहा है कि सरकार के प्रतिनिधि लिखित आश्वासन लेकर शाम से पहले बिश्नोई धर्मशाला पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में आंदोलन आज शाम तक समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा में भी उठा मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बीकानेर सहित प्रदेशभर में खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए आंदोलन चल रहा है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।