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राजस्थान शिक्षक संघ के अधिवेशन में भारी बवाल: मंच के पोस्टर फाड़े, बागी शिक्षकों ने बनाई 'संघर्ष समिति'

Sun, 17 May 2026 07:51 PM IST
बीकानेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

बीकानेर में राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के वार्षिक अधिवेशन में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षकों ने एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पोस्टर फाड़ दिए और बहिष्कार की चेतावनी दी। विवाद बढ़ने पर असंतुष्ट शिक्षकों ने 'शिक्षक संघर्ष समिति' बनाकर नया मोर्चा खोल दिया है।
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शिक्षक संघ अधिवेशन में हंगामा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का वार्षिक अधिवेशन इस बार संगठनात्मक कार्यक्रम से ज्यादा सियासी अखाड़ा बनकर सामने आया। अधिवेशन के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एक पक्ष पर एकतरफा कार्रवाई और मनमाने फैसले लेने के आरोप लगे। विरोध कर रहे शिक्षकों ने खुलकर नाराजगी जताई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मंच पर लगे पोस्टर तक फाड़ दिए गए। पूरे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिवेशन के दौरान संगठन के भीतर लिए गए कुछ फैसलों को लेकर कई शिक्षक नाराज थे। उनका आरोप था कि संगठन में संवाद और सहमति की परंपरा को दरकिनार कर निर्णय थोपे जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी बहस शुरू हो गई।

संगठन पर गंभीर आरोप
हंगामे के बाद कई शिक्षकों ने अधिवेशन के बहिष्कार की बात कही। विरोध कर रहे शिक्षकों का कहना था कि संगठन अब शिक्षकों की आवाज सुनने के बजाय दबाने का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की लगातार अनदेखी की जा रही है। वहीं, दूसरे पक्ष ने अपने फैसलों को संगठन हित में बताया और कहा कि अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत और समझाइश के बावजूद विवाद शांत नहीं हो सका।
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शिक्षक संघर्ष समिति का गठन
विवाद बढ़ने के बाद असंतुष्ट शिक्षकों ने 'शिक्षक संघर्ष समिति' के नाम से नया मंच बनाकर संगठन नेतृत्व को खुली चुनौती दे दी। समिति से जुड़े शिक्षकों ने दावा किया कि अब संगठन में जवाबदेही, पारदर्शिता और शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अलग लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आवाज को दबाने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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शिक्षक राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीकानेर की शिक्षक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिक्षा जगत में चर्चा है कि यह विवाद आने वाले दिनों में संगठन के भीतर बड़े बदलाव और नए शक्ति संतुलन का कारण बन सकता है। कई शिक्षक इस घटनाक्रम को संगठन के इतिहास का बड़ा मोड़ मान रहे हैं।

 

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