पीबीएम परिसर में पुलिस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
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पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन किया तथा अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
अधीक्षक को बुलाने की मांग पर बढ़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कार्यकर्ता अस्पताल अधीक्षक को कार्यालय से बाहर बुलाकर ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने अधीक्षक के बाहर नहीं आने पर विरोध तेज कर दिया। हालात बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के साथ हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया। घटना के बाद कुछ समय तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
अस्पताल की बदहाली पर सरकार को घेरा
कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में लंबे समय से अव्यवस्थाओं का दौर जारी है, लेकिन बार-बार विरोध जताने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। देहात एनएसयूआई अध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने कहा कि जनता की समस्याओं को उठाने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं की आवाज पुलिस के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
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30 जून के आंदोलन का किया ऐलान
प्रदर्शन के दौरान 30 जून को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने शक्ति प्रदर्शन किया। श्रीकृष्ण गोदारा ने कहा कि आगामी आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे और प्रशासन तक जनता की नाराजगी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल का मुद्दा अब केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की राजनीति का भी प्रमुख विषय बन गया है।