बीकानेर जिले के नोखा के जोरावरपुरा क्षेत्र में वायुसेना के जवान गौरीशंकर खाती के निधन की खबर के बाद नोखा कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है। जवान गौरी शंकर खाती दिल्ली में वायुसेना में अपनी ड्यूटी दे रहा था। ड्यूटी के दौरान गौरीशंकर का ब्रेन हैमरेज से उनका निधन हो गया।
गौरीशंकर की पार्थिव देह उनके गृह क्षेत्र नोखा के जोरावरपुरा लाई गई, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। उनका दिल्ली में ब्रेन हैमरेज से निधन हो गया था। जवान गौरीशंकर दिल्ली में वायु सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान उन्हें ब्रेन हैमरेज होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। गौरीशंकर की 2 दिसंबर को सर्जरी हुई थी। तब से बेस अस्पताल में भर्ती थे। कल शाम को निधन हुआ। गुरुवार को वायु सेना के दिवंगत सैनिक की पार्थिव देह नोखा लाई गई। जवान की नोखा के जोरावरपुरा में अंतिम यात्रा निकाली गई। सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। जिसके बाद जवान की पार्थिव देह को भाई संजय और राहुल ने मुखाग्नि दी।
चार साल से दिल्ली में थे तैनात
किसान नेता बजरंगलाल गोदारा, सुभाष भाम्भू और रिछपाल फौजी ने बताया कि गौरीशंकर के दो भाई हैं। एक भाई संजय बीए फाइनल में पढ़ रहा है। वहीं, दूसरा भाई राहुल कक्षा 12 में है। गौरीशंकर के पिता जीतूराम खाती लकड़ी के कारीगर है। गौरीशंकर का 18 साल की उम्र में वायु सेना में चयन हो गया था। उसके बाद वह 4 साल से दिल्ली में वायु सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन पर रिछपाल फौजी, बजरंग गोदारा सहित क्षेत्र के अनेक युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। जवान की असामयिक मृत्यु से नोखा के जोरावरपुरा क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। उनकी देशसेवा और योगदान को याद करते हुए स्थानीय लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।