बीकानेर में शिक्षा विभाग ने अपनाया सख्त रवैया
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राजस्थान में निजी स्कूलों की बेलगाम वसूली पर अब शिक्षा विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है। किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाले जा रहे अनावश्यक बोझ को रोकने के लिए प्रदेशभर में एक व्यापक जांच अभियान की शुरुआत की गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल से पहले अपने-अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों का अनिवार्य निरीक्षण पूरा किया जाए।
तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन होगा
इस अभियान से उन लाखों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से स्कूलों की मनमानी का शिकार होते आ रहे हैं। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर सीबीईओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी सीधे स्कूल परिसर में जाकर मौके पर जांच करेगी।
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कार्यशैली का बारीकी से होगा मूल्यांकन
कमेटी वर्ष 2019 और 2024 में जारी किए गए शासन के दिशा-निर्देशों के आधार पर स्कूलों की कार्यशैली का बारीकी से मूल्यांकन करेगी। जांच के दौरान यदि कोई स्कूल नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ऐसे सभी स्कूलों की जानकारी 20 अप्रैल तक शिक्षा निदेशालय को सौंपना अनिवार्य होगा। विभाग का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि वर्षों से निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूली और अनावश्यक सामग्री की जबरन खरीद कराने के आरोप लगते आ रहे हैं। अभिभावक संगठन लंबे समय से इस पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।