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Rajasthan Crime: BJP नेता दिलीप गुर्जर की 45 करोड़ की बेनामी संपत्तियां उजागर, मकान-प्लॉट कब्जाने के आरोप

Sat, 27 Sep 2025 10:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा

सार

Rajasthan Crime: पुलिस ने भाजपा नेता दिलीप गुर्जर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 45 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों का खुलासा किया है। कार्रवाई की भनक लगते ही गुर्जर फरार हो गया है। उसपर कई गंभीर आरोप हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
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भाजपा नेता दिलीप गुर्जर के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में पुलिस ने भाजपा नेता दिलीप गुर्जर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 45 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों का खुलासा किया है। गुर्जर पर आरोप है कि उसने ब्याज पर रकम देकर लोगों की संपत्तियों पर कब्जा किया और अवैध तरीके से मकान, प्लॉट व कृषि भूमि अर्जित की। कार्रवाई की भनक लगते ही गुर्जर फरार हो गया है।

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शिकायतों के आधार पर शुरू हुई जांच
शाहपुरा के डीएसपी ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि अगस्त और सितंबर माह में गुर्जर के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। आरोप था कि वह ब्याज पर पैसा देने के दौरान पीड़ितों से खाली स्टांप पेपर और चेक पर हस्ताक्षर करवा लेता था। पीड़ित जब मूलधन और ब्याज लौटा भी देते, तब भी उनकी संपत्ति वापस नहीं करता और कब्जा कर लेता।
 
बिना लाइसेंस चल रहा था धंधा
पुलिस जांच में सामने आया कि गुर्जर के पास ब्याज का कारोबार करने का कोई लाइसेंस या वैध अनुमति नहीं थी। उसके पास खेती-बाड़ी के अलावा कोई वैध आय का स्रोत नहीं है। न तो उसने कभी आयकर रिटर्न दाखिल किया और न ही उसके पास जीएसटी पंजीकरण है।
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35 से अधिक मकान-प्लॉट और 300 बीघा भूमि
पुलिस के मुताबिक शाहपुरा नगर पालिका क्षेत्र में गुर्जर के पास 35 से अधिक मकान और प्लॉट हैं। कई जगहों पर बहुमंजिला इमारतें भी बना रखी हैं। इसके अलावा उसके पास करीब 300 बीघा कृषि भूमि है। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये आंकी गई है।


 
कोर्ट में कुर्की की तैयारी
डीएसपी बिश्नोई ने बताया कि नए नियमों के अनुसार आपराधिक तरीके से अर्जित संपत्तियों को पर्याप्त सबूतों के आधार पर कोर्ट में इस्तगासा पेश कर कुर्क किया जा सकता है। अगस्त माह में दर्ज प्रकरण में गुर्जर ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था, लेकिन सितंबर के मामले में उसके खिलाफ मजबूत सबूत मिलने पर कार्रवाई तेज की गई। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
 
बिना स्वीकृति बने निर्माण भी जांच के दायरे में
जांच में यह भी सामने आया कि नगर पालिका क्षेत्र में गुर्जर ने कई बहुमंजिला इमारतें खड़ी कीं, जिनके लिए न तो स्वीकृति ली गई और न ही कोई जानकारी दी गई। अब प्रशासन इन निर्माणों की भी गहराई से जांच कर रहा है।
 
लंबे समय से चल रहा था ब्याजखोरी का खेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहपुरा क्षेत्र में लंबे समय से ब्याज माफियाओं का दबदबा रहा है। गरीब और जरूरतमंद लोग मजबूरी में उनसे पैसा लेते और फिर वर्षों तक कर्ज के जाल में फंसे रहते। कई परिवार अपनी जमीन-जायदाद गंवा चुके हैं। गुर्जर पर भी यही आरोप लग रहे हैं कि उसने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर भारी संपत्ति बनाई।

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राजनीति से जुड़ाव पर भी सवाल
गुर्जर का राजनीतिक प्रभाव भी चर्चा में है। पहले वह कांग्रेस से जुड़ा था और ब्लॉक अध्यक्ष रह चुका है। नवंबर 2023 में उसने भाजपा का दामन थामा। राजनीतिक सक्रियता और प्रभाव के कारण लंबे समय तक उस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पुलिस की सख्ती से उसके कारनामे सामने आ रहे हैं।
 
पुलिस का सख्त रुख
डीएसपी बिश्नोई ने कहा कि ब्याज माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से ब्याज वसूलकर परेशान कर रहा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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