भरतपुर। शादी के कार्ड बांटकर गांव लौट रहे युवक की देररात सड़क हादसे में मौत हाे गई। शहनाई बजने से पहले ही युवक की मौत से घर में छाईं शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के थाना इगलास क्षेत्र के कस्बा गोरई के गांव बास हर्जी निवासी 28 वर्षीय सौरभ कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह शहर में बस स्टैंड के पास निधि फाइनेंस कंपनी में कार्य करता था। बृहस्पतिवार को वह कंपनी सहित भरतपुर में मिलने वालों को बाइक से शादी के कार्ड बांटने आया था। दिनभर हंसी-खुशी शादी के कार्ड बांटने के बाद रात को बाइक से गांव लौट रहा था। उद्योग नगर थाना क्षेत्र में सहनावली के पास शकुंतला कोली कोल्ड स्टोरेज के सामने किसी वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। युवक को सड़क पर पड़ा देख किसी राहगीर ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम घायल को जिला आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंची। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव काे मोर्चरी में रखवाकर परिजन को सूचना दी। पुलिस से मिली सूचना पर परिजन को विश्वास नहीं हुआ। वे भरतपुर पहुंचे और युवक को मृत देख दहाड़ें मार कर रोने लगे। साथ आए अन्य लोगों ने परिजन को ढांढस बंधाया। शुक्रवार को पुलिस ने जिला आरबीएम अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया। शव को परिजन अलीगढ़ ले गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
बलदेव में सगी बहनों से तय हुई थी शादी
अलीगढ़ के गांव बास हर्जी निवासी धर्मवीर सिंह की पत्नी फूलवती देवी की एक साल पूर्व मौत हो चुकी है। परिवार में उनके अलावा दो बेटों में 28 वर्षीय सौरभ बड़ा था, जबकि गौरव छोटा है। वीरेंद्र ने दोनों बेटों की शादी उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कस्बा बलदेव के गांव लोका नगला निवासी लक्ष्मन सिंह की पुत्रियों साधना व पलक के साथ तय की। 2 मार्च को होने वाली शादी को लेकर घर में तैयारियां चल रहीं थीं। 29 फरवरी को लगन-सगाई का कार्यक्रम तय हुआ।
इसको लेकर रिश्तेदार आदि घर पर जुटने लगे थे और विवाह के लिए जरूरी वस्तुएं खरीदी जा रहीं थीं। पिता और छोटा भाई गांव और अन्य रिश्तेदारियों में निमंत्रण पत्र बांट रहे थे। इधर वधु पक्ष के यहां भी शादी की तैयारियां चल रही थीं। दो मार्च को विवाह की रस्मों के लिए राया-दाऊजी मार्ग पर खानपुर चौराहा स्थित कृष्ण प्रेम वाटिका को तय किया गया। पिता को जब बेटे की हादसे में मौत की सूचना मिली तो वह स्तब्ध रह गए। पोस्टमार्टम हाउस पर पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।