भरतपुर। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में फतह के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। एक-एक सीट पर जिताऊ प्रत्याशी की तलाश की जा रही है। वहीं जहां प्रत्याशी घोषित हो गए हैं वहां बगावत के चलते पार्टी नेता डेमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं। भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों की तीसरी सूची आने वाली है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार सुबह भरतपुर पहुंचीं। यहां भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित पूर्व विधायक विजय बंसल और बागी नेता अनीता सिंह गुर्जर से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट भी मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अचानक भरतपुर पहुंचकर पूर्व विधायक बंसल से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई हैं। भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक विजय बंसल को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बुधवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अचानक सारस चौराहा स्थित पूर्व विधायक के होटल पर पहुंचीं। यहां विजय बंसल, अनीता सिंह गुर्जर और पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट के साथ करीब 1 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर के लिए रवाना हो गईं। इस मुलाकात की जानकारी भाजपा के किसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता को नहीं दी गई।
लगातार तीन बार विधायक
भरतपुर शहर विधानसभा सीट पर विजय बंसल तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2003 में इनेलो के टिकट पर, 2008 और 2013 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं। इससे बंसल को शहर विधानसभा से भाजपा का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
पार्टी सदस्यता निलंबित
वर्ष 2019 के निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतों पर पूर्व विधायक विजय बंसल और पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट की भाजपा की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी गई थी। बीते 4 साल से बंसल पार्टी से अलग-थलग थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा खेमे का माना जाता है। वसुंधरा की मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि बंसल की सदस्यता फिर से बहाल हो सकती है।
अनीता कर चुकी है बगावत
वसुंधरा राजे ने होटल में नगर से भाजपा की पूर्व विधायक अनीता सिंह गुर्जर से भी मुलाकात की। अनीता सिंह का इस बार टिकट कट चुका है, जिसके बाद उन्होंने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। वसुंधरा से मुलाकात के बाद अनीता सिंह के बगावती तेवर यथावत रहेंगे या पार्टी प्रत्याशी का समर्थन करेंगी यह अभी साफ नहीं हो सका है।