भरतपुर। केंद्र सरकार में धौलपुर और भरतपुर जिले के जाट समाज को ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर जयचोली गांव में महापड़ाव आंदोलन बुधवार से शुरू हो गया। कोहरा और शीतलहर के मध्य आंदोलन स्थल पर भीड़ बढ़ती जा रही है। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो वर्ष 2017 के आंदोलन की पुनरावृत्ति होगी। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान मुस्तैद हैं।
आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में उच्चैन क्षेत्र के गांव जयचोली में जाट समाज के लोगों ने महापड़ाव शुरू कर दिया। दिनभर सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग आंदोलन स्थल पर पहुंचते रहे। शाम तक लोगों की भीड़ बढ़ गई। संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से महापड़ाव शुरू किया गया है। हम सरकार को बार-बार मौका दे रहे हैं कि हमारी मांग पर गंभीरता से विचार करे। इससे पहले संघर्ष समिति और जिला प्रशासन के बीच मंगलवार शाम को वार्ता हुई।
नेम सिंह ने बताया वार्ता में प्रशासन को मांगों से अवगत करा दिया है। संघर्ष समिति वार्ता के लिए हमेशा तैयार है। नेम सिंह ने कहा कि हम केंद्र में आरक्षण चाहते हैं, न कि किसी तरह की अशांति। रेलवे के मंडल सहायक सुरक्षा आयुक्त चौधरी संजय ने बताया आंदोलन को देखते हुए जयचोली स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां पर आरपीएफ के 52 जवान और जीआरपी के 78 जवान तैनात कर दिए गए हैं।
वर्ष 1998 से चली आ रही है मांग
गौरतलब है भरतपुर और धौलपुर की जाटों की आरक्षण की मांग वर्ष 1998 से चली आ रही है। वर्ष 2013 में केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार में भरतपुर और धौलपुर के जाटों सहित अन्य नौ राज्यों के जाटों को केंद्र में ओबीसी का आरक्षण दिया था। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेते हुए 10 अगस्त 2015 को भरतपुर और धौलपुर के जाटों का केंद्र व राज्य में ओबीसी का आरक्षण खत्म कर दिया था। उस समय दिया गया कि भरतपुर और धौलपुर के जाट राजपरिवार से जुड़े हुए हैं। वहीं 23 अगस्त 2017 को राज्य में दोनों जिलों की जाटों को ओबीसी में आरक्षण दे दिया गया।
सरकार जाट समाज के साथ : गृह राज्यमंत्री
भरतपुर। गृह, गोपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से अग्रवाल मैरिज होम में जाट समाज के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात कर जाट समाज के आरक्षण के संबंध में चर्चा की। राज्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी सैद्धांतिक रूप से दोनों जिलों के जाट समाज को आरक्षण देने पर सहमत है। कानूनी पेचीदगी को दूर किया जा रहा है। उन्होंने जाट समाज से कहा कि आंदोलन की आवश्यकता नहीं है। सरकार के स्तर पर इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2013 में भाजपा की प्रदेश सरकार ने धौलपुर-भरतपुर के जाट समाज को आरक्षण के लिए पर पैरवी की थी, लेकिन कानूनी पेचीदगी के कारण सफलता नहीं मिल पाई।बताया कि केंद्र सरकार भी इसके लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने सीकर में जाट समाज को ओबीसी में शामिल करने की घोषणा की थी। इस दौरान डॉ. प्रेम सिंह कुंतल, विजयपाल सिंह, राजाराम डागुर, गोपाल चौधरी, श्यामवीर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद