मनीष कुमार भरतपुर। भीषण गर्मी में परेशान आमजन के लिए खुशखबरी है। मानसून आने की सूचना लेकर आए प्रवासी पक्षी ओपन बिल स्ट्राॅर्क ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में दस्तक दे दी है। इस बार इन पक्षियों ने समय से 15 दिन पूर्व आकर घना में डेरा डेरा डाल लिया है। सामान्य तौर पर ओपन बिल स्ट्राॅर्क जून माह के आखिर या जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में यहां आते हैं। इससे भरतपुर में जल्दी मानसून आने के संकेत हैं।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक मानस सिंह ने बताया कि घना में करीब 50 ओपन बिल स्टॉर्क पहुंच गए हैं। इन्होंने घना में डेरा डाल लिया है और नेस्टिंग भी शुरू कर दी है। ये पूरे जिले के लिए मानसून आने के संकेत हैं। घना में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। इससे घना के मेहमान परिंदों को भरपूर भोजन मिल सकेगा। धीरे-धीरे इनकी संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। ये हजार से ऊपर भी पहुंच सकते हैं। संवाद
जनवरी में भरेंगे उड़ान
निदेशक मानस सिंह ने बताया कि ओपन बिल स्टॉर्क उद्यान में करीब 6 माह का प्रवास करता है। यहां प्रजनन करते हैं और बच्चे बड़े होने पर जनवरी माह में यहां से बच्चों के साथ उड़ान भर जाते हैं। इसके अलावा घना में पेंटेड स्टॉर्क, हेरोन, आइबिस आदि ने भी आना शुरू कर दिया है। मानसून आते-आते कई प्रजाति के पक्षी यहां नेस्टिंग शुरू कर देंगे। सितंबर-अक्तूबर माह में देश और दुनिया के प्रवासी पक्षी यहां पहुंचना शुरू कर देंगे। नवंबर माह में तो घना पक्षियों से पूरी तरह गुलजार हो जाएगा।
क्यों कहते हैं मानसून दूत
निदेशक मानस सिंह ने बताया कि ओपन बिल स्टॉर्क को मानसून दूत कहा जाता है। इसके पीछे वजह है कि जैसे ही मानसून दक्षिण भारत में प्रवेश करता है ये वहां से उड़ान भर जाते हैं। ये पक्षी मानसून के आगे-आगे उड़ान भरता है। इसलिए माना जाता है कि ओपन बिल स्टॉर्क के पहुंचने के कुछ दिन बाद ही मानसून भी पहुंच जाता है। यही वजह है कि इस पक्षी को मानसून आने का संदेशा लेकर आने वाला मानसून दूत कहा जाता है।