भरतपुर। भारत-आस्ट्रेलिया के बीच होने वाली सीरीज के लिए दाएं हाथ के तेज गेंदबाज चेतन शर्मा (18) का चयन अंडर -19 भारतीय क्रिकेट टीम में हुआ। दाएं हाथ का तेज गेंदबाज का चयन भारतीय टीम होने पर भरतपुर के क्रिकेट प्रेमी खासे उत्साहित हैं। इसी क्रम में भरतपुर के लक्ष्मण मंदिर चौक पर स्थानीय लोगों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया और पटाखे भी फोड़े।
जिला क्रिकेट संघ भरतपुर के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने बताया कि बीसीसीआई द्वारा पूर्व में आयोजित की गई अंडर-19 भारतीय चैलेंजर ट्रॉफी और इंडिया कैंप में चेतन शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसी के आधार पर चेतन का चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ है।
वन डे क्रिकेट मैचों की शृंखला 21 से 26 सितंबर तक चलेगी। इस बीच पुडुचेरी में तीन मैच खेले जाएंगे। इसके साथ ही सीरीज में 30 सितंबर व 7 अक्तूबर को दो टेस्ट मैच भी होंगे। टेस्ट मैच चेन्नई (तमिलनाडु) में खेले जाएंगे।
खिलाई मिठाई, आतिशबाजी भी की
चेतन के चयन पर भरतपुर के लक्ष्मण मंदिर चौक पर लोगों ने जश्न मनाया। इस दौरान खुशी में मिठाइयां भी बांटी गईं और आतिशबाजी की गई। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शैलेश कौशिक, पूर्व प्रदेश मंत्री गिरधारी तिवारी ने चेतन को सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह, उपाध्यक्ष विष्णु लोहिया और अजय कुमार, संयुक्त सचिव अरुण कुमार गुप्ता और कोषाध्यक्ष मुनेन्द्र तिवारी, राहुल लोहिया,नाहर सिंह आदि मौजूद रहे।
पिता बोले- क्रिकेट संघ के सचिव ने दिलाई कोचिंग
चेतन शर्मा डीग जिले के कामां कस्बे के 10 किमी दूर गांव सहेड़ा के निवासी हैं। घर की माली हालत बेहतर नहीं है। पिता दुष्यंत शर्मा मथुरा जिले के वृंदावन स्थित एक मंदिर में पूजा पाठ करते हैं। इसी से परिवार का गुजर बसर होता है। बड़ा भाई दान बिहारी शर्मा(20) पढ़ाई कर रहा है। वहीं चेतन 12 वीं की पढ़ाई कर रहा है। माता प्रिया देवी गृहिणी हैं।
पिता ने बताया कि चेतन बचपन में गांव में ही खेला करता था। खेल में रुचि बढ़ने पर आगे खेलने की इच्छा जगी। भरतपुर में क्रिकेट की योग्यता की परीक्षा देने गया तो जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने उसकी प्रतिभा को पहचान लिया। हमारे पास खेलने के लिए भी रकम नहीं थी। सचिव ने ही अपने स्तर पर कोचिंग दी और दिल्ली और जयपुर में आगे का प्रशिक्षण दिलाया। अब मुंबई प्रशिक्षण दिलाने की बात कह रहे हैं।
नहीं थम रहे पिता के आंसू
पिता ने बताया कि चेतन रोजाना कामां से भरतपुर जाता था। अभ्यास के दौरान जब ज्यादा दिन रुकना तो वह भरतपुर में मेरे मित्र के मंदिर में रूक जाता। यहां थोड़ी सेवा कर दिया करता था। बेटे की इस उपलब्धि पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपने में भी नही सोचा था कि बेटा इस मुकाम पर पहुंचेगा।